उत्तराखंड को आम बजट से खास की आस, रखी थीं कई अहम मांगें

केंद्र सरकार के आम बजट से उत्तराखंड को खास उम्मीद है। अगले साल होने जा रहे महाकुंभ के साथ ही प्रदेश में अवस्थापना विकास, जल विद्युत परियोजनाओं के व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) योजना और छोटे उद्योगों के लिए बड़ी सौगात मिल सकती है।

राज्य ने केंद्र से स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट को जारी रखने, फ्लोटिंग पॉपुलेशन के दृष्टिगत सतत पर्यटन के लिए नई केंद्र पोषित योजना की मांग की है। इसके साथ ही भूजल स्तर में गिरावट को रोकने के लिए राज्य के प्रयासों को प्रोत्साहन देने के लिए नई केंद्र पोषित योजना या विशेष अनुदान मांगा है। उम्मीद है कि अगले साल होने वाले महाकुंभ के लिए आवश्यक आधारभूत अवसंरचना एवं अनुरक्षण के लिए विशेष वित्तीय प्रावधान किया जाएगा।

यहां बड़े बजट की उम्मीद
प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत करीब 1100 करोड़ की जरूरत है। इसकी अवधि भी खत्म होने जा रही है। उम्मीद है कि बजट मिलने के साथ ही अवधि भी विस्तारित होगी। सरकार ने दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं के लिए दो करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की दर से कुल 8,000 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) की भी मांग रखी है।

आपदा, जंगली जानवरों के नुकसान पर भी बजट की आस
प्रदेश में आपदा से हर साल होने वाले भारी नुकसान के बीच राज्य ने कुल नुकसान के पुनर्निर्माण के लिए पूरी राशि एसडीआरएफ से वहन करने की मांग रखी हुई है। इसके अलावा नीलगाय, जंगली सूअर, भालू व बंदरों से फसलों के नुकसान को रोकने के लिए कृषि सुरक्षा एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष के तहत क्लस्टर आधारित तारबंदी की नई योजना की मांग भी रखी गई है।

ये भी हैं उम्मीदें

डिजिटल संप्रभुता एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत स्टेट डाटा सेंटर्स के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र पोषित योजना।
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेलवे नेटवर्क की तार्किक पूर्णता के लिए बागेश्वर-कर्णप्रयाग एवं रामनगर-कर्णप्रयाग रेललाइन का सर्वेक्षण, जिससे टनकपुर-बागेश्वर-कर्णप्रयाग-रामनगर रेलवे सर्किट विकसित किया जा सके।
60 से 79 वर्ष आयु वर्ग की वृद्धावस्था पेंशन में केंद्रांश 200 से बढ़ाकर 500 रुपये करना।
आंगनबाड़ी कर्मियों के मासिक मानदेय में वृद्धि।

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