ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए बनाया गया नया नियम नहीं डाल सकेगा कुछ खास असर

उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर निष्पक्ष कारोबार और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी जरूरत है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग भी इस बाबत क्षेत्र से मिल रही शिकायतों पर नजर रख रहा है। नए मानकों के तहत किसी खास उत्पाद को प्राथमिकता देने पर प्रतिबंध लगाना उपभोक्ताओं के लिहाज से बेहतर कदम है। इससे बाजार को सुचारू रूप से चलाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियां अब इस प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पाद नहीं बेच सकेंगी जिससे दूसरे उत्पादों को भी बिक्री के लिए समान अवसर मिलेंगे। इससे पहले बुधवार को सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उन उत्पादों की बिक्री करने पर रोक लगा दी थी जिसकी कंपनी में उनके शेयर या प्रबंधकीय नियंत्रण होंगे। इसके अलावा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने ई-कॉमर्स कंपनियों की एक्सक्लूसिव सेल पर भी रोक लगा दी है।
कई विशेषज्ञों द्वारा जताई गई इस आशंका पर कि नए प्रावधानों से इस क्षेत्र में निवेश पर असर पड़ेगा, चंद्रशेखर ने कहा कि अगर निवेशक इन मानकों के डर से पीछे हटते हैं तो यह न तो देश के लिए अच्छा होगा और न ही निवेशकों के लिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यह नियम बाजार की वृद्घि के अवसरों में बाधक नहीं होगा।





