इस दिन बिहार को मिलेगा नया मुख्यमंत्री! पदों का बंटवारा लगभग तय…

बिहार की राजनीति एक बार फिर किसी बड़े ऐतिहासिक मोड़ की ओर बढ़ती नजर आ रही है। सियासी गलियारों से छनकर आ रही बड़ी खबरों और पुख्ता सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी 13 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद यह तय माना जा रहा है कि बिहार की कमान अब किसी नए चेहरे के हाथों में होगी। चर्चा है कि 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।
भाजपा के खाते में जा सकता है मुख्यमंत्री पद
इस नए सत्ता समीकरण में सबसे बड़ी चर्चा मुख्यमंत्री पद को लेकर है। सूत्रों का कहना है कि इस बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है। हालांकि, नेतृत्व को लेकर अभी सस्पेंस बरकरार है, लेकिन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा है। एनडीए के घटक दलों का कहना है कि अंतिम फैसला केंद्रीय शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। संभावना यह भी जताई जा रही है कि भाजपा किसी ऐसे ‘सरप्राइज’ चेहरे को सामने ला सकती है, जो सबको चौंका दे।
निशांत कुमार की सियासत में एंट्री?
नई सरकार के गठन में जो सबसे चौंकाने वाली खबर है, वह जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कोटे से दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति को लेकर है। सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को बिहार का नया उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। उनके साथ जेडीयू के किसी वरिष्ठ नेता, जैसे विजय चौधरी, को दूसरे डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
स्पीकर और सभापति पदों का नया बंटवारा
सत्ता परिवर्तन के इस ब्लूप्रिंट के अनुसार, पदों का बंटवारा भी लगभग तय माना जा रहा है:
विधानसभा अध्यक्ष (Speaker): यह पद भाजपा अपने पास रख सकती है।
विधान परिषद सभापति: यह पद जेडीयू के खाते में जाने की प्रबल संभावना है।
नीतीश कुमार की भूमिका: मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार एनडीए सरकार के ‘मार्गदर्शक’ की भूमिका में बने रहेंगे।





