जज्बे को सलाम: इस खिलाड़ी के नहीं हैं दोनों हाथ, कर रहे बल्लेबाजी और गेंदबाजी

गले और छाती के सहारे बैटिंग कर शानदार चौके-छक्के जड़ते हैं आमिर। पैर से गेंदबाजी देख दांतों तले अंगुली दबाए बिना आप नहीं रह सकेंगे है। उसके जज्बे को सलाम करना होगा। 
खिलाड़ी ही नहीं अपने प्रदेश यानी जम्मू-कश्मीर दिव्यांग क्रिकेट टीम का कप्तान है। आमिर अपनी टीम के साथ मैच खेलने रामगढ़ आए हैं। प्रदर्शन देख राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू भी कौतूहल से भर गईं। जमकर तारीफ की। गले और छाती के सहारे बैटिंग कर शानदार चौके-छक्के जड़ते हैं आमिर। पैर से गेंदबाजी देख दांतों तले अंगुली दबाए बिना आप नहीं रह सकेंगे। प्रदर्शन मैच देख यहां के लोगों का भी यही हाल था।
दक्षिण कश्मीर के छोटे से गांव बिजबेहरा के रहने वाल 27 वर्षीय आमिर बताते हैं कि क्रिकेट मेरा जुनून है। बचपन से ही क्रिकेट से काफी लगाव रहा। जब मैं आठ साल का था आरा मिल में दुर्घटना में मेरे दोनों हाथ कट गए। मगर जुनून कम होने की जगह बढ़ता गया। जब मैं कॉलेज पहुंचा एक टीचर ने मुझे अपने अंदर क्रिकेट के टैलेंट को उभारने के लिए पारा क्रिकेट टीम का हिस्सा बनाया।
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बस हौसले को उड़ान के लिए पर मिल गए। झारखंड बोर्ड आफ दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से वेस्ट बोकारो में मिनी दिव्यांग नेशनल दिवा-रात्रि क्रिकेट टूर्नामेंट मंगलवार से शुरू हो गया है। इसमें भाग लेने देश के नौ राज्यों से क्रिकेट के दिव्यांग चैंपियन शामिल हुए हैं। इसी में आमिर की भी टीम आई हुई है। मंगलवार को टूर्नामेंट का उद्घाटन करने राज्यपाल
द्रौपदी मुर्मू आई थीं।





