आयुध निर्माणी कानपुर में 9 अप्रेल को हुए हादसे में घायल एक और इंजीनियर ने भी दम तोड़ा, मरने वालों संख्या हुई तीन

 आयुध निर्माणी कानपुर में नौ अप्रेल को हुए हादसे में सोमवार को एक और घायल इंजीनियर ने दम तोड़ दिया, अबतक मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। गंभीर रूप से घायल सहायक अभियंता एमएस राजपूत और परीक्षक एमपी महतो की हादसे के दौरान मौत हो गई थी। घायल हुए सहायक अभियंता पंकज श्रीवास्तव की 27 दिन बाद इलाज के दौरान सांसें भी थम गईं।

आयुध निर्माणी कानपुर की वरिष्ठ गुणता आश्वासन स्थापना (आयुध) की गन शॉप- 1 में नौ अप्रैल को एलएफजी तोप को टेस्टिंग के लिए तैयार किया जा रहा था। सहायक अभियंता और परीक्षकों की टीम री-क्वॉलिंग कर बैरल का दबाव जांच रही थी। तभी तेज धमाके के साथ कैरिज में लगे नाइट्रोजन और ऑयल सिलेंडर फट गए। इसमें जबलपुर निवासी सहायक अभियंता एमएस राजपूत की तत्काल, जबकि बिहार निवासी परीक्षक एमपी महतो की देर रात मृत्यु हो गई थी।

हादसे में सहायक अभियंता पंकज श्रीवास्तव और प्रताप सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। अन्य घायलों में एई संदीप केलकर, परीक्षक अतुल श्रीवास्तव, द्वारिका शाह, कर्मचारी करुणा शंकर और रामचंद्र गुप्ता थे। हालत बिगडऩे पर पनकी निवासी पंकज श्रीवास्तव को 14 अप्रैल को सर्वोदय नगर स्थित निजी अस्पताल से दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया था। परिजन उनका इलाज सफदरगंज स्थित अस्पताल में करा रहे थे। सोमवार सुबह 8 बजे उनकी भी मौत हो गई। तीसरी मौत के बाद कर्मचारियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई और हादसे के जिम्मेदार चिन्हित तक नहीं हो सके हैं।

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