आज से पूरी तरह बदल गईं बैंकिंग-रेलवे-टैक्स से जुड़ीं यह 7 चीजें, अब हर किसी को…

बीते 31 मार्च को रात 12 बजे के बाद नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत हो गई. इसी के साथ देश को कई ऐसी बदल गई हैं जिनका असर आपकी लाइफ पर भी पड़ने वाला है. आज हम आपको ऐसी ही 7 चीजों को बारे में बताने जा रहे हैं. 
बैंक ऑफ बड़ौदा बना देश का तीसरा बड़ा बैंक
आज यानि 1 अप्रैल 2019 से बैंक ऑफ बड़ौदा तीसरा बड़ा बैंक बन गया है. दरअसल, दो सरकारी बैंकों विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय 1 अप्रैल 2019 से लागू हो गया है. विजया बैंक और देना बैंक की सभी शाखाएं आज से बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाओं के तौर पर काम कर रही हैं. यह भारतीय स्टेट बैंक के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बना है. विलय के बाद अब देशभर में बैंक ऑफ बड़ौदा की 9,500 शाखाएं, 13,400 एटीएम और 85,000 से अधिक कर्मचारी होंगे. बैंक अब 12 करोड़ से अधिक ग्राहकों को अपनी सेवाएं देगा.
रियल एस्टेट को मिला नया जीएसटी स्लैब
आज यानि 1 अप्रैल 2019 से रियल एस्टेट सेक्टर को नया जीएसटी स्लैब मिल गया है. दरअसल, बीते दिनों रियल एस्टेट में हाउसिंग प्रोजक्ट पर टैक्स के नए स्लैब को मंजूरी मिली थी, जो आज से लागू हो चुकी है.
इसके लागू होने के बाद अब हाउसिंग प्रोजक्ट पर जीएसटी की स्लैब को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है. इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने निर्माणाधीन मकानों की अफोर्डेबल कैटेगरी में जीएसटी दरों 1 फीसद कर दिया है. इसका मतलब ये हुआ कि अब ग्राहकों के लिए निर्माणाधीन और अफोर्डेबल घरों की कीमत पहले के मुकाबले सस्ती हो जाएगी.
बदल गई लोन पर ब्याज की व्यवस्था
आज यानि 1 अप्रैल से होम और ऑटो लोन पर लगने वाले ब्याज की व्यवस्था बदल गई है. वर्तमान में बैंक खुद ही तय करते हैं कि ब्याज दर कब बढ़ानी-घटानी है. लेकिन नए नियम के लागू होने के बाद बैंक को आरबीआई के रेपो रेट घटाने के तुरंत बाद ब्याज दर घटाने होंगे. बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने अपनी पॉलिसी में यह नियम बदला है.
स्मार्ट हो जाएगा बिजली मीटर
आज यानि 1 अप्रैल से देश में बिजली के मीटर स्मार्ट होने शुरू हो जाएंगे. दरअसल, सरकार ने 1 अप्रैल 2019 से अगले तीन साल में सभी मीटर को स्मार्ट प्रीपेड मीटर में तब्दील करने का फैसला किया है. इसका मतलब ये हुआ कि आप मोबाइल की तरह बिजली का भी रिचार्ज कर सकेंगे. सभी स्मार्ट मीटर को बिजली निगम में बने कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा. कर्मचारी स्काडा सॉफ्टवेयर के जरिए कंट्रोल रूम से ही मीटर रीडिंग नोट कर सकेंगे. वहीं मीटर के साथ छेड़छाड़ होने की स्थिति में संकेत कंट्रोल रूम में मिल जाएगा. कोई उपभोक्ता बिजली बिल नहीं भरता है तो डायरेक्ट कंट्रोल रूम से ही उसका मीटर कनेक्शन काटा जा सकेगा.





