आखिर क्यों होता है बसंत पंचमी पर पीले रंग का इस्तेमाल, क्या है पीले रंग की महत्ता

माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती की पूजा के दिन के रूप में बसंत पंचमी मनाया जाता हैं। ग्रंथों में यह भी मान्याता हैं। कि इस दिन शब्दों की शक्ति ने मनुष्य के जीवन में प्रवेश किया था। वही सदीयों के महीनें के अंत में होने के साथ ही साथ बसंत और फसल की शुरूवात होने पर बसंत पचंमी का यह त्योहार बहुत शुभ होता हैं। आपको बता दें,कि इस साल 2019 में यह त्योहार 10 फरवरी 2019 को मनाया जाएगा।आखिर क्यों होता है बसंत पंचमी पर पीले रंग का इस्तेमाल, क्या है पीले रंग की महत्ता

वही बसंत पचंमी के दिन मां सरस्वती की विशेष रूप से पूजा और अर्चना की जाती हैं। मां सरस्वती को विद्या और बुद्धि की देवी के रूप में माना जाता हैं। ऐसा कहते हैं,कि जो इनको प्रसन्न कर लेता हैं। वह बहुत ही बुद्धिमान हो जाता हैं। इस दिन उनसे विद्या,बुद्धि कला और ज्ञान का वरदान भी प्राप्त किया जा सकता हैं। आपको बता दें,कि इस दिन सभी लोग पीले रंग के वस्त्र को धारण करते हैं। मां की पूजा अर्चना करते हैं। पतंग उड़ाते हैं और फिर मीठे पीले रंग के चावल का सेवन भी करते हैं।

वही आपको बता दें,कि पीले रंग को बसंत का प्रतीक माना जाता हैं। बंसत ऋतु को सभी मौसमों में सबसे बड़ा माना गया हैं। इस मौसम में न तो चिलचिलाती धूप होती हैं। और ना ही अधिक सर्दी ना ही बारिश होती हैं। इस वसंत के मौसम में पेड़—पौधों पर ताजे फल और फूल खिलते हैं। ये समय बहुत ही अच्छा होता हैं।

बसंत पंचमी का शुभ पूजा मुहूर्त सुबह 7.15 बजे से दोपहर 12.52 बजे तक हैं। वही पंचमी तिथि का प्रारंभ माघ शुक्ल पंचमी शनिवार के दिन 9 फरवरी की दोपहर 12.25 बजे से शुरू होगा हैं। बसंत पंचमी तिथि समाप्त का समय रविवार 10 फरवरी को दोपहर 2.08 बजे तक हैं।

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