अमेरिका ने भारत को GSP से किया बाहर, आज से होगा लागू

अमेरिका ने भारत को विशेष तरजीह वाले देशों की सूची से बाहर कर दिया है। ये फैसला आज से लागू हो जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ये फैसला इसलिए लिया है क्योंकि उन्हें भारत से ये आश्वासन नहीं मिल पाया है कि वह अपने बाजार में अमेरिकी उत्पादों को बराबर की छूट देगा। उनका कहना है कि भारत में पाबंदियों की वजह से उसे व्यापारिक नुकसान हो रहा है।

ट्रंप ने शुक्रवार को अपने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा था, “मैंने ये निर्धारित किया है कि भारत से ये आश्वासन नहीं मिल पाया है कि वह अपने बाजार में अमेरिकी उत्पादों को बराबर की छूट देगा। तो भारत का लाभार्थी विकासशील देश का दर्जा 5 जून को हटाना उचित होगा।” ट्रंप ने अमेरिकी सांसदों की उस दलील को भी नजरअंदाज कर दिया जिसमें कहा गया है कि इससे अमेरिकी कारोबार को हर साल 300 मिलियन डॉलर टैरिफ का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

ट्रंप का ये फैसला वैश्विक युद्ध का विस्तार माना जा रहा है। अभी तक अमेरिका केवल चीन पर ही इस तरह की एक के बाद एक पाबंदी लगा रहा था। लेकिन अब वो भारत पर भी कार्रवाई कर रहा है। 

कब शुरू हुआ था जीएसपी प्रोग्राम

जीएसपी प्रोग्राम साल 1970 को शुरू हुआ था, तभी से भारत इसका लाभ उठा रहा है। भारत इसका सबसे बड़ा लाभार्थी रहा है। इस फैसले का भारत पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। यह कार्यक्रम अमेरिका का सबसे बड़ा और अमेरिकी व्यापारिक वरीयता कार्यक्रम (अमेरिकी जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस) है। इसकी सूची में शामिल देशों के हजारों उत्पादों को अमेरिका में कर-मुक्त छूट की अनुमति देकर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए लाया गया था।
 

अमेरिकी व्यापारिक वरीयता कार्यक्रम (जीएसपी) क्या है ?

 अभी तक भारत जीएसपी (जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस) के तहत सबसे बड़ा लाभार्थी देश माना जाता था, लेकिन ट्रंप प्रशासन की यह कार्रवाई नई दिल्ली के साथ उसके व्यापार संबंधी मुद्दों पर सख्त रवैये को दिखा रही है। जीएसपी को विभिन्न देशों से आने वाले हजारों उत्पादों को शुल्क मुक्त प्रवेश की अनुमति देकर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था।

बीते साल जिन उत्पादों की शुल्क मुक्त आयात की रियायत रद्द की गई थी, उनमें भारत के 50 उत्पाद शामिल थे। बता दें कि साल 2017 में जीएसपी के तहत भारत ने अमेरिका को 5.6 अरब डॉलर से अधिक का कर-मुक्त निर्यात किया था। अमेरिका के कानून के अनुसार ये बदलाव अधिसूचना जारी होने के दो महीने बाद से लागू हो जाएगा। 

ट्रंप ने 4 मार्च को कहा था कि अमेरिका भारत का नाम उन देशों की सूची से बाहर कर देगा जो सामान्य कर-मुक्त प्रावधानों (जीएसपी) कार्यक्रम का लाभ उठा रहे हैं। 60 दिनों का ये नोटिस पीरियड 3 मई को खत्म हुआ है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ये फैसला इसलिए लिया है क्योंकि भारत अब वैधानिक पात्रता मानदंडों का पालन नहीं कर रहा है। बीते साल अमेरिका ने अप्रैल में जीएसपी के लिए तय शर्तों की समीक्षा शुरू की थी। 

क्या होगा भारत पर असर?

अमेरिका के जीएसपी कार्यक्रम में शामिल लाभार्थी देशों को उत्पादों पर अमेरिका में कोई आयात शुल्क नहीं देना पड़ता। इस कार्यक्रम के तहत भारत को 5.6 अरब डॉलर (40 हजार करोड़ रुपये) के निर्यात पर छूट मिलती है। कार्यक्रम से बाहर होने के बाद भारत को ये लाभ नहीं मिलेगा।
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