अब बिना ड्राइविंग लाइसेंस और RC के चला सकेंगे गाड़ी, नहीं कटेगा चालान: हरियाणा सरकार

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण एवं प्रदूषण प्रमाणपत्रों जैसे अपने दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिक वर्जन को रखने की अनुमति दे दी है. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. यहां जारी एक विज्ञप्ति में परिवहन विभाग के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि लोग अब डिजिलॉकर या एम-परिवहन मोबाइल ऐप्लिकेशन में इन दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी रख सकते हैं. उन्होंने बताया कि कानून लागू करने वाली सभी एजेंसियों को इस संबंध में शनिवार को निर्देश जारी कर दिया गया है.

अधिकारी ने बताया कि ई-कॉपी मान्य होंगी और कानून लागू करने वाली कोई भी एजेंसी इसे सबूत के तौर पर मानने से इनकार नहीं कर सकती. डिजिलॉकर सरकार द्वारा संचालित दस्तावेजों के संग्रहण की एक डिजिटल स्टोरेज सर्विस है जिसमें नागरिक अपने कुछ निश्चित आधिकारिक दस्तावेजों को रख सकते हैं. 

ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर पुलिस अब नहीं काट सकेगी आपका चालान

गर आपको ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी की आरसी रखना झंझट लगता है या आप अक्सर इसे घर पर ही भूल जाते हैं तो अब घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब पुलिस आपका चालान नहीं काटेगी. आपको बता दें सरकार ने अब अपने साथ लाइसेंस की हार्ड कॉपी रखने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. आप इसके लिए सॉफ्ट कापी दिखाकर काम चला सकते हैं, लेकिन ये सॉफ्ट कॉपी आपके डिजिटल लॉकर में होनी चाहिए. यहां से ही ट्रैफिक पुलिस आपके ड्राइविंग लाइसेंस को वैरिफाई कर लेगी. 

क्या है डिजिटल लॉकर 
डिजिटल लॉकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल लॉकर का उद्देश्य भौतिक दस्तावेजों के उपयोग को कम करना और एजेंसियों के बीच में ई-दस्तावेजों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. इसमें अकाउंट बनाकर आप जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे अहम दस्तावेजों को ऑनलाइन स्टोर कर सकते हैं. डिजिटल लॉकर में ई-साइन की सुविधा भी है जिसका उपयोग डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने के लिए किया जा सकता है.

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