अब धूम्रपान करने वाले भी ले सकते हैं हेल्थ इंश्योरेंस, देना होगा ज्यादा प्रीमियम

हेल्थ इंश्योरंस स्कीम आमतौर पर किसी भी व्यक्ति की उम्र, हेल्थ कंडीशन, खाने की आदतों, सिगरेट, शराब, अन्य नशीले पदार्थों के सेवन के अनुसार तय होती है। सभी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी हेल्थ इंश्योरेंस की पेशकश करने और बीमा अमाउंट के अनुसार प्रीमियम की गणना करने से पहले अपने ग्राहकों की प्रोफाइल को चेक करती हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, सभी को जल्द से जल्द हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहिए।

लाइफ में जितना जल्दी इंश्योरेंस लिया जाएगा उतना ही कम प्रीमियम देकर अच्छा बीमा अमाउंट लिया जा सकता है।कई लोगों का मानना है कि धूम्रपान करने वाले लोग हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के लिए पात्र नहीं हैं। लगभग सभी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां धूम्रपान करने वालों को निश्चित परिस्थितियों और उच्च प्रीमियम के साथ हेल्थ इंश्योरेंस देने की लिए तैयार रहती हैं।
जहां तक धूम्रपान करने वालों की बात है तो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी पूरी तरह से विभिन्न नियमों और शर्तों के साथ कवरेज प्रदान करती हैं। धूम्रपान करने वाले की हेल्थ कंडीशन को किसी भी रूप में रोजाना निकोटीन की खपत के आधार पर तय किया गया है। इंश्योरेंस देने से पहले बीमा कंपनी प्रत्येक व्यक्ति का मेडिकल टेस्ट करवाती है।
मेडिकल टेस्ट से शरीर की हेल्थ की जानकारी मिलती है और बीमा अमाउंट तय होता है और उसके अनुसार प्रीमियम तय होता है। मेडिकल टेस्ट के साथ बीमा कंपनियां धूम्रपान की आदतों, धूम्रपान की आवृत्ति, धूम्रपान पैटर्न में भिन्नता, अत्यधिक धूम्रपान के कारण, धूम्रपान करने के लिए आग्रह को बढ़ाने वाले कारक आदि के बारे में पूछ सकती हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के इच्छुक धूम्रपान करने वाले लोगों को अपने लाइफस्टाइल और सिगरेट पीने की संख्या पर ध्यान देना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति दिन में 20 से अधिक सिगरेट पीता है तो ऐसे में ज्यादा संभावना है कि बीमा कंपनियां हेल्थ इंश्योरेंस आवेदन को अस्वीकार कर सकती हैं।





