निवेश परियोजनाओं के दूसरे शिलान्यास समारोह से पहले निवेशकों को कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और उद्योग के लिए खेती की जमीन लेने पर योगी सरकार सीमा से अधिक जमीन आसानी से उपलब्ध कराएगी। इसके लिए केंद्र के सुझावों से तैयार राजस्व संहिता संशोधन विधेयक को विधानमंडल से इसी सत्र में पारित कराने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने मंगलवार को विधेयक के मसौदे को मंगलवार को मंजूरी दे दी।
राज्यपाल राम ने पिछले साल विधानमंडल से पारित राजस्व संहिता विधेयक को सहमति के लिए राष्ट्रपति को भेजा था। केंद्र ने कई विसंगतियां बताते हुए इसे बदलने का सुझाव दिया था। संशोधित विधेयक को विधानमंडल से पारित कराया जाएगा। इसे कानपुर में इसी माह प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह से पहले लागू करने की योजना है।
उद्योगों को बढ़ावा, जमीन खरीदने की अड़चन होगी दूर
गैर कृषि उपयोग के लिए निवेशकों को 12.5 एकड़ से अधिक जमीन खरीदने की अनुमति दी जा सकेगी। शिक्षा, उद्योग, मेडिकल कालेज के लिए जमीन की कमी का संकट दूर होगा। पहले निवेशकों को कृषि उपयोग के लिए भी 12.5 एकड़ जमीन दिए जाने का प्रस्ताव था।
कान्ट्रैक्ट फार्मिंग
अगर एक वर्ष से अधिक समय के लिए कान्ट्रैक्ट पर जमीन (बटाई) लेने पर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। पिछले विधेयक में एक साल तक मौखिक या लिखित, तीन वर्ष तक के लिए लिखित या रजिस्ट्री का विकल्प था। तीन वर्ष के ऊपर रजिस्ट्री अनिवार्य की गई थी।
पोती-नातिन को भी उत्तराधिकार का हक
पुत्र की पुत्री (पोती), पुत्री की पुत्री (नातिन),अविवाहित भतीजी, भांजी को भी उत्तराधिकार का हक मिलेगा। ऊपर की श्रेणी पुत्र, पुत्री आदि के क्रम से न होने पर परिस्थिति के अनुसार ये भी उत्तराधिकार के पात्र होंगे। इससे महिलाओं को रिश्ते के लगभग हर स्तर पर उत्तराधिकार का हक मिल सकेगा।
गैर कृषि उपयोग के लिए जमीन 5 वर्ष के लिए ही मिलेगी
राजस्व संहिता संशोधन विधेयक में गैर कृषि उपयोग के लिए पहले पांच वर्ष के लिए ही मिलेगी। गैर कृषि भूमि का दो प्रकार का उपयोग होगा। पहले इसके लिए सीधे जमीन दिए जाने की व्यवस्था थी। केंद्र के सुझाव पर अब निवेशकों को पहले पांच वर्ष के लिए ही संभावित उपयोग के आधार पर जमीन लेने की अनुमति मिलेगी। अधिकतम पांच वर्ष में प्रोजेक्ट पूरा होने पर इसे स्थायी रूप से गैर कृषि उपयोग की अनुमति स्वीकृत कर दी जाएगी। सरकार संभावित समय सीमा तीन वर्ष के लिए बढ़ा सकेगी। अगर संभावित उपयोग की सीमा में प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ तो गैर कृषि उपयोग निरस्त हो जाएगा।
सौर उत्पादन के लिए बढ़ावा, 35 वर्ष तक जमीन दे सकेंगे पट्टा
खेती के लिए 15 वर्ष तक के लिए और सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए 30 वर्ष के लिए पट्टा दिया जा सकेगा।