अदाणी से JP Associates के UP-MP के सीमेंट प्लांट खरीदने वाली कंपनी को भारी नुकसान

मार्केट कैप के लिहाज से भारत की छठी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी डालमिया भारत लिमिटेड ने 30 जून को खत्म हुई तिमाही के नतीजे जारी कर दिए। कंपनी को भारी नुकसान हुआ है। हाल ही में कंपीन ने अदाणी से JP Associates के यूपी और एमपी के सीमेंट प्लांट खरीदे थे। नतीजों में कंपनी ने इसकी भी जानकारी दी है। दरअसल, अदाणी ग्रुप ने दिवालिया हुई जेपी ग्रुप को खरीदा है। यही कारण है कि डालमिया ने सीमेंट प्लांट खरीदने के लिए यह डील अदाणी ग्रुप से की है।

डालमिया भारत लिमिटेड (Dalmia Bharat) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड (DCBL) ने जयप्रकाश एसोसिएट्स और उसकी सहयोगी कंपनियों के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। इस सौदे के तहत डालमिया भारत, जेपी ग्रुप के सीमेंट प्लांट, ग्राइंडिंग यूनिट और थर्मल पावर प्लांट का अधिग्रहण करेगी। आइए जानते हैं कि आखिर अदाणी से जेपी एसोसिएट्स के सीमेंट प्लांट खरीदने वाली डालमिया के नतीजे कैसे रहे।

जेपी के सीमेंट प्लांट खरीदने वाली डालमिया के मुनाफे में भारी गिरावट
सीमेंट बनाने वाली कंपनी डालमिया भारत लिमिटेड ने जून तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 52% की गिरावट दर्ज की, क्योंकि रेवेन्यू में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद वन-टाइम खर्चों और मार्जिन पर दबाव का असर पड़ा। कंपनी का Q1FY27 का नेट प्रॉफिट 188 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 393 करोड़ रुपये था। यानी नेट प्रॉफिट में 51.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

वहीं, अगर बात करें रेवेन्यू की तो कंपनी के रेवेन्यू सालाना आधार पर 7 फीसदी बढ़क 3,890 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 3,636 करोड़ रुपये था।

EBITDA एक साल पहले के 883 करोड़ रुपये से 8.8% घटकर 805 करोड़ रुपये रह गया। नतीजतन, कंपनी का EBITDA मार्जिन 24.3% से घटकर 20.7% हो गया, जो ज्यादा बिक्री के बावजूद ऑपरेटिंग मुनाफे पर दबाव को दिखाता है।

डालमिया भारत लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, पुनीत डालमिया ने कहा, “सेंट्रल रीजन में सीमेंट एसेट्स के अधिग्रहण के साथ यह तिमाही एक अहम पड़ाव है, क्योंकि हम पूरे भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ रहे हैं। इन एसेट्स और बाजारों के साथ हमारा पुराना जुड़ाव हमें एक अच्छी शुरुआती बढ़त देता है। आगे बढ़ते हुए, हमारी कोशिश तेजी से काम बढ़ाने और बेहतर रिटर्न पाने के लिए डालमिया की कॉस्ट लीडरशिप प्रैक्टिस को अपनाने की होगी।”

डालमिया भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सौदा?
पुनीत डालमिया के नेतृत्व वाली डालमिया भारत इस अधिग्रहण के जरिए मध्य भारत में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। अदाणी से जेपी एसोसिएट्स के सीमेंट प्लांट खरीदने के बाद सेंट्रल रीजन में 5.2 MnTPA क्षमता के सफल अधिग्रहण के साथ, सीमेंट की इंस्टॉल्ड क्षमता बढ़कर 54.7 MnTPA हो गई। जून में चुनार ग्राइंडिंग यूनिट में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हुआ। जुलाई में रीवा क्लिंकर यूनिट में ट्रायल रन शुरू हुआ।

जेपी ग्रुप की ये संपत्तियां रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थित हैं, जिससे डालमिया को नए बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी।

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