फलों और सब्जियों की चमक फीकी कर सकती है आपकी सेहत, जानिए कैसे ?

चमकदार फल-सब्जियों को देखकर दिमाग में आता है कि ये ताजा और पौष्टिक होंगी। चमक देखकर हम इन्हें खरीद लेते हैं। चाव से बनाते भी हैं और खाते भी हैं। पौष्टिक दिखने वाले यह फल-सब्जियां हमें गंभीर बीमार भी बना सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में बिकने वाले फल, सब्जियों को पकाने और चमकदार बनाये रखने के लिए कई हानिकारक केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है। इनमें एथरेल, ग्लाइकॉल्ा, सोडियम, बेन्जोइक, वैक्स कोडिंग, हानिकारक ऑयल्स प्रमुख हैं। फल-सब्जियों को ताजा व चमकदार बनाने के लिए क्लोरोपिक्रिन, टेलोन, वार्निश की कोडिंग भी की जाती है।

फलों में आलू बुखारा, जामुन, सेब, संतरा, आम, पीले रंग का खरबूजा, तरबूज आदि पर वैक्स कोडिंग व तेलों का प्रयोग होता है। सब्जियों की बात करें, तो बैंगन, हरी मिर्च, घिया, टमाटर, नींबू, शिमला मिर्च, परमल, आदि सब्जियों को चमकाने में भी वैक्स व घटिया किस्म के केमिकल्स, ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। इन रसायनों का प्रयोग कच्चे फल-सब्जियों को पकाने के लिए भी किया जाता है। ये रसायन अगर आपके पेट में चले जाएं, तो इनसे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

गंभीर बीमारियों को दावत

फल-सब्जियों को चमकदार बनाने वाले रसायन अगर भोजन के माध्यम से शरीर में चले जाएं, तो इनसे मूड खराब होना, दिमागी कन्फ्यूजन, मेमोरी लॉस, लीवर सिस्टम का सही से काम न करना, फेफड़ों में गंभीर परेशानी जैसी दिक्कत हो सकती है। फल-सब्जियों को चमकाने के लिए इस्तेमाल होने वाली वैक्स कोडिंग व रसायन पेट के अंदर पहुंचकर एक लेयर बना देते हैं, जिसका असर पाचन तंत्र पर पड़ता है।

इससे शरीर में पोषक तत्वों को ग्रहण न कर पाने की स्थिति पैदा होती है, जिससे शरीर को सही पोषण नहीं मिल पाता। यह केमिकल्स किडनी संबंधी समस्या, कैंसर, नर्वस सिस्टम पर भी बुरा प्रभाव डालते हैं। सिरदर्द, सुस्ती, जी मिचलाना, नींद न आना, मानसिक असंतुलन, डायरिया, अल्सर, मुंह में इन्फेक्शन, आंखों में जलन, जैसी गंभीर समस्या भी इन रसायनों से हो सकती हैं।

जब भी चमकदार फल या सब्जी खरीदें, तो इनसे हानिकारक वैक्स या रसायन हटाने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं। कुछ देर गर्म पानी में भिगोकर रखने से भी असर खत्म हो जाता है। खाने या पकाने से पहले इन्हें साफ पानी से रगड़-रगड़कर धोएं, इससे आप रसायनों के जहरीले प्रभाव से बच सकते हैं।

इसके अलावा आप बड़े बर्तन में नमक डालकर उसमें पंद्रह मिनट के लिए सब्जियों को भिगोकर रखें, तो भी रसायनों का असर कम होता है। सिरका व हल्दी मिले गर्म पानी से इन्हें धोने पर भी असर खत्म होता है। अगर आप सब्जियों और फलों के छिलके उतार दें, तो भी 90 फीसदी तक रसायन खत्म हो जाते हैं।

डॉक्टर कहते हैं
एम्स की डायटिशियन डॉ. वसुंधरा सिंह का कहना है कि यह हानिकारक केमिकल्स पेट के अंदर पहुंचकर पेट संबंधी बीमारी को जन्म दे सकते हैं। इससे बदहजमी, अल्सर, कब्ज हो सकता है। एलएनजेपी हॉस्पिटल के सीएमओ डॉ. रक्षित गर्ग का कहना है कि इससे फेफड़ों में जलन, सिरदर्द, सुस्ती, डायरिया, किडनी संबंधी बीमारी, कैंसर आदि गंभीर रोग हो सकते हैं। इन्हें खाने में विशेष सावधानी बरतें।

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