अभी अभी: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा ऐलान, कल शाम 4 बजे तक कर्नाटक में बहुमत साबित करें येदियुरप्पा

कर्नाटक मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. शीर्ष कोर्ट उस याचिका पर दोबारा सुनवाई कर रही है, जिसमें कांग्रेस और जेडी-एस ने राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिए जाने को चुनौती दी है.

12.17 AM: सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्पा को फ्लोर टेस्ट से पहले कोई भी नीतिगत निर्णय लेने से रोका, साथ ही राज्यपाल के विशेषाधिकार और उसके तहत दिए गए आदेश की न्यायिक जांच के मामलों को लेकर कोर्ट दस हफ्ते बाद सुनवाई करेगा.

12.13 AM: कर्नाटक में प्रोटेम स्पीकर के लिए दो नामों की चर्चा, इनमें कांग्रेस के आठ बार विधायक रहे आरवी देशपांडे और बीजेपी से सात बार विधायक रहे उमेश कट्टी का नाम शामिल है.

12.12 AM: बीएस येदियुरप्पा ने कहा- हम बहुमत साबित करेंगे. हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है.

12.06 AM: सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने राहत की सांस ली है कि सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्पा को शपथ ग्रहण के लिए बुलाए जाने के न्यौते पर कोई फैसला नहीं सुनाया. पार्टी ने अपने सभी विधायकों को आज रात तक बेंगलुरु पहुंचने के लिए कहा है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता इस बारे में उन्हें विधानसभा में ब्रीफ करेंगे.

12.03 AM: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विधानसभा सचिव ने मुख्य सचिव से शनिवार को विश्वास मत की तैयारियों के संदर्भ में मुलाकात की.

12.00 AM: सुनवाई के बाद कांग्रेस और जेडीएस की तरफ पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक आदेश दिया है. आज से लेकर कल तक येदियुरप्पा कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं लेंगे. शनिवार को प्रोटेम स्पीकर के अंतर्गत विश्वास मत का परीक्षण होगा. सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन के बजाय येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए न्यौता देने के राज्यपाल के फैसले पर कोर्ट निकट भविष्य में फैसला करेगा.

11.26 AM: जस्टिस सीकरी ने बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी से कहा कि ये बहुत स्पष्ट है कि जब तक आप इस कोर्ट को संतुष्ट नहीं करते हैं, तब तक आप नियुक्ति नहीं कर सकते. कोर्ट की यह टिप्पणी एंग्लो इंडियन नॉमिनेशन से संबंधित थी, जिस बारे में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने गुरुवार को फैसला लिया था.

11.34 AM: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि शनिवार शाम 4 बजे सदन में बहुमत परीक्षण हो.

11.32 AM: रोहतगी ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर भी बनाया जाना है, वाजिब वक्त मिले. कांग्रेस और जेडीएस ने अपने विधायक दूर बन्द कर रखे हैं. उन्हें लाने में भी वक्त लगेगा

11.30AM: बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने तत्काल फ्लोर टेस्ट कराए जाने का विरोध किया. उन्होंने कहा कि कम से कम एक सप्ताह का समय मिलना चाहिए. ये राज्यपाल का विशेषाधिकार है. एक दिन फ्लोर टेस्ट का निर्देश देकर संतुलन नहीं बनाया जा सकता.

11.29 AM: कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि शनिवार को शक्ति परीक्षण के लिए हम तैयार हैं.

11.29 AM: कपिल सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस के साथ जेडीएस भी जल्दी फ्लोर टेस्ट चाहती है. फ्लोर टेस्ट तुरन्त होना चाहिए.

11.27 AM: कपिल सिब्बल ने कहा कि हमारे पास हमारे सभी विधायकों के दस्तखत वाली चिट्ठी है. रोहतगी और तुषार ने कहा कि फ्लोर टेस्ट से ही सच सामने आएगा.

11.22 AM: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष के अपने-अपने दावे हैं. हम कानून के अनुसार फैसला करेगा. कानूनी प्रकिया का पालन होना चाहिए.

– सिब्बल ने कहा कि सरकार बनाने का न्यौता गठबंधन के साथ सबसे बड़ी पार्टी को मिलना चाहिए या पर्याप्त बहुमत वाली पार्टी को.

– एएसजी तुषार मेहता ने कहा कि राज्यपाल को कांग्रेस और जेडीएस के सभी सदस्यों के हस्ताक्षरित पत्र कभी नहीं मिला.

11.21 AM: सुप्रीम कोर्ट में कुमारस्वामी की ओर से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसे मामलों में राज्यपाल को अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?

11.15AM: सिंघवी बोले- येदियुरप्पा ने कहा कि हमारे साथ अलां फलां विधायक हैं, लेकिन ABC कौन-कौन साथ हैं. दूसरी ओर कांग्रेस-जेडीएस ने सभी 117 के नाम लिख कर राज्यपाल को दिए.

11.15 AM: जस्टिस सीकरी ने कहा कि या तो आप कानून के अनुसार चलें या फिर शनिवार को सदन में बहुमत परीक्षण हो. ये आपको चुनना है, दूसरा विकल्प ज्यादा व्यावहारिक है.

11.13AM: कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- राज्यपाल कैसे बीजेपी को बहुमत सिद्ध करने का मौका दे सकते हैं, जबकि कांग्रेस-जेडीएस के पास पूरी संख्या है.

11.13 AM: कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के गुजरात के राजकोट स्थित घर पर सुरक्षा बढ़ायी गयी. कांग्रेसी तोड़फोड़ ना करे इस आशंका के चलते सुरक्षा बढ़ाई गई है.

11.04 AM: इस बीच सिंघवी ने कहा कि अगर कल बहुमत परीक्षण के लिए सदन को बुलाया जाता है, तो भी इस मामले में कानून सम्मत निर्णय होना चाहिए कि क्या इस मामले में राज्यपाल निर्णय ले सकते हैं.

11.00 AM: जस्टिस सीकरी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर दो पार्टियां अपने-अपने दावे कर रही हैं, तो गवर्नर ने किस आधार पर फैसला किया. इस पर बीजेपी के वकील ने कहा कि ये राज्यपाल का विशेषाधिकार है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्ताव देते हुए कहा कि बेहतर होगा कि शनिवार को बहुमत परीक्षण हो.

10.58 AM: जस्टिस सीकरी ने कहा कि अगर स्पष्ट बहुमत होता, तो कोई समस्या नहीं होता, अगर चुनाव से पहले गठबंधन होता तो स्थिति अलग होती, लेकिन चुनाव बाद गठबंधन से इसकी प्राथमिकता कम नजर आती है.

10.58 AM: रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया है और उन्हें जमीनी हकीकत पता है.

10.57 AM: मुकुल रोहतगी ने सरकारिया कमीशन का जिक्र करते हुए कहा कि येदियुरप्पा को सदन में अपना बहमुत साबित करना है. सरकारिया कमीशन इस मामले में गाइडलाइन है और ये गवर्नर का विशेषाधिकार है.

10.54 AM: जस्टिस सीकरी ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस और जेडीएस ने गवर्नर को बहुमत की संख्या का पत्र दिया है, दूसरी तरफ येदियुरप्पा का दावा है कि उनके पास बहुमत है. किस आधार पर राज्यपाल ने येदियुरप्पा को गठबंधन के ऊपर तरजीह दी?

10.53 AM: बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने राज्यपाल को दिए गए येदियुरप्पा को पत्रों को कोर्ट में पढ़कर सुनाया.

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10.51 AM: सुप्रीम कोर्ट खचाखच भरा हुआ है, वरिष्ठ वकीलों को कोर्ट रूम में घुसने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. अटॉर्जी जनरल ने कोर्ट रूप में निर्मित परिस्थितियों पर चिंता जताई.

10.50 AM: मुकुल रोहतगी ने येदियुरप्पा की ओर से राज्यपाल को भेजे गए दोनों पत्र सुप्रीम कोर्ट में पेश किए और दलील दी कि बीजेपी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है. रोहतगी ने कांग्रेस और जेडीएस को अपवित्र बताया है. उन्होंने कहा कि नंबर दो और नंबर तीन पार्टियां बीजेपी से काफी पीछे हैं.

10.46 AM: कर्नाटक मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू, कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और बीजेपी की ओर से मुकुल रोहतगी कोर्ट में अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं.

10.34 AM: वरिष्ठ वकील शांति भूषण और राम जेठमलानी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे.

10.30 AM: कांग्रेस नेता और वकील पी. चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे.

10:28 AM: बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी और अटॉर्नी जनरल केसी वेणुगोपाल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, दोनों लोग कोर्ट रूम में मौजूद

10:20 AM: सुब्रह्मणयम स्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण को नहीं पलटा जा सकता, बहस का केवल एक ही मुद्दा है और वो है कि मुख्यमंत्री ने 7 दिनों का समय मांगा था, लेकिन राज्यपाल ने 15 दिन दे दिए और इस मामले पर कोर्ट में बहस हो सकती है. 

10:11 AM: वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि हम कोर्ट को येदियुरप्पा की ओर से राज्यपाल को भेजे गए पत्र दिखाएंगे, जहां तक समर्थन की बात है तो ये सदन में साबित किया जाएगा और विधायकों की संख्या को गिनाएंगे. विधायकों की खरीद फरोख्त का कोई मामला नहीं है.

कर्नाटक के राज्यपाल ने येदियुरप्पा को दिया था न्यौता

बता दें कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने पहले बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता दिया था, जिसके बाद इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई. शीर्ष कोर्ट आज इसी याचिका पर फिर सुनवाई शुरू करेगी.

इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार तड़के बी.एस. येदियुरप्पा के कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर रोक नहीं लगाई. शीर्ष अदालत ने आधी रात को घंटों चली सुनवाई में कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर (जेडी-एस) की येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की संयुक्त याचिका के मद्देनजर शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि राज्यपाल ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया है.

इस मामले की कार्यवाही की अध्यक्षता ए.के.सीकरी, एस.ए. बोबडे और अशोक भूषण ने की. येदियुरप्पा ने तय योजना के अनुरूप गुरुवार सुबह नौ बजे शपथ ली.

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