कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब भाजपा अपनी रणनीति में बदलाव की तैयारी में..

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब भाजपा अपनी रणनीति में बदलाव की तैयारी में है। आगामी लोकसभा चुनाव 2023 को लेकर बीजेपी ने यू-टर्न लेते हुए नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है। आगामी चुनाव में कांग्रेस को मात देने के भाजपा की ओर से लक्ष्य भी तय किया रहा है।

भाजपा का लक्ष्य है कि आगामी चुनावों में 51% मत हासिल करने का पुख्ता प्लान बनाया जाए। इस मुद्दे पर देहरादून में 19 और 20 मई को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मंथन होगा। वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा संगठन काफी समय से तैयारी में जुटा हुआ है।
इसके तहत संगठन को बहुत निचले स्तर तक विस्तार दिया गया। अभी तक पार्टी विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों पर फोकस कर रही थी। इस बीच कर्नाटक चुनाव में पार्टी का मत प्रतिशत पहले जितना रहने के बावजूद मिली हार ने भाजपा को अपनी चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार के लिए मजबूर कर दिया है।
इसके तहत अब पार्टी ने चुनावों में कम से कम 51% मत हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। इस संदर्भ में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में विस्तार से रणनीति बनाई जाएगी। दरअसल भाजपा इस बात को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है कि यदि सभी विपक्षी दल एक साथ आए तो स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में पार्टी पूरा फोकस मत प्रतिशत बढ़ाने पर करने जा रही है।
संसदीय क्षेत्रों में प्रभारी की तैनाती जल्द : लोकसभा चुनावों की तैयारी के तहत भाजपा राज्य की पांचों लोकसभा सीटों के लिए जल्द ही प्रभारियों की नियुक्ति करने जा रही है। केंद्रीय स्तर के नेताओं को हर सीट की जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रभारियों का ऐलान भी किया जा सकता है।
मंडलस्तर पर बनेगी टीम
आम चुनाव की तैयारी के क्रम में भाजपा प्रदेशभर में 30 मई से महाजनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत सभी सांसदों के साथ संगठन के पदाधिकारी घर-घर जाकर लोगों से पार्टी के पक्ष में वोट की अपील करेंगे। लोगों को राज्य व केंद्र सरकार द्वारा जनहित में चलाई गई योजनाओं और कार्यों की जानकारी भी दी जाएगी। अभियान की सफलता को मंडलस्तर पर 250-250 कार्यकर्ताओं की टीम बनाई जाएगी।





