AAP मुखिया केजरीवाल को लेकर सवाल पर क्यों मुस्कुराए CM मनोहर लाल?

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल सोमवार शाम को गुरुग्राम से वापस लौटते हुए दिल्ली के इंडिया गेट पर थोड़ी देर के लिए रुके और यहां लोगों के बीच जाकर उनसे हालचाल पूछा। इसके बाद आगे बढ़े तो कॉपरनिक्स मार्ग के मोड़ पर ही बने बस क्यू शेल्टर पर बस का इंतजार कर रहे लोगों को देखकर सीएम ने एक बार फिर अपनी गाड़ी रुकवाई और वहां मौजूद लोगों से उनका हालचाल लिया। यहां लोगों ने सीएम को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी काफी अच्छा कर रहे हैं। हालांकि सीएम ने दिल्ली सरकार के बारे में लोगों से कोई सवाल नहीं किया मगर एक महिला ने खुद ही कहा कि दिल्ली वालों को तो केजरीवाल सरकार पसंद नहीं आ रही। महिला की टिप्प्णी पर मनोहर लाल मुस्कुराए तो जरूर मगर उन्होंने पलटकर कोई सवाल-जवाब नहीं किया। बताया जा रहा है कि हरिणाणा में 2019 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में उन्होंने केजरीवाल को कोई टिप्पणी न करना ही मुनासिब समझा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरुग्राम से आते हुए इंडिया गेट का सायंकालीन विहंगम दृश्य से वे इतने आकर्षित हुए कि यहां लोगों के बीच आने का मन हो गया। उन्होंने कहा कि वे दिल्ली में काफी वर्षों तक रहे हैं और पहले भी इंडिया गेट भ्रमण के लिए आया करते थे मगर सीएम बनने के बाद व्यस्तताओं के चलते पिछले चार साल में यहां रुकने का मौका नहीं मिला। सीएम ने कहा कि इंडिया गेट पर देशप्रेम से ओतप्रोत तिरंगे की प्रतिकृति सबको अच्छी लगती है।
इससे पहले इंडिया गेट के पास सीएम मनोहर लाल ने अपने साथ आ रहे सुरक्षाकर्मियों के काफिले को हरियाणा भवन भेज दिया और इंडिया गेट पर घूमने आए लोगों से बातचीत की। सुरक्षाकर्मियों के तामझाम के बिना मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सबसे पहले फरीदाबाद से इंडिया गेट घूमने आए परिवार ने पहचाना। इसके बाद उनके आसपास दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से आए परिवारों के लोग एकत्र हो गए। कुछ लोगों ने सीएम के साथ अपने मोबाइल फोन से सेल्फी भी ली। यहां सीएम ने बच्चों के चलाने के लिए टॉय कार व मोटरसाइकिल किराये पर देने वाले एक व्यक्ति से यह भी पूछा कि वह एक दिन में कितना कमा लेता है। सीएम ने उससे मिले उत्तर के बाद उसकी पीठ थपथपाई और गाड़ी में बैठकर हरियाणा भवन की तरफ चले गए।
इनेलो रैली में हुल्लड़बाजी पर बोले सीएम
सीएम मनोहर लाल ने रविवार को गोहाना में हुई इनेलो की सम्मान रैली में हुई हुल्लड़बाजी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदार पार्टी का व्यवहार नहीं है। इनेलो में भी कांग्रेस की तरह कुर्सी की लड़ाई देखने को मिल रही है। इनेलो में परिवारवाद तो दिखता है मगर परिवार का झगड़ा भी साफ हो गया है। मुख्यमंत्री ने इनेलो पर तंज कसते हुए कहा कि जब सत्ता में नहीं है तब यह हाल है तो सत्ता में आने के बाद क्या हाल होगा। उन्होंने कहा कि इनेलो और कांग्रेस को लोकतांत्रिक पार्टी की तरह व्यवहार करना चाहिए। विधानसभा से लेकर ताऊ देवीलाल जयंती पर आयोजित रैली में इनेलो नेताओं का यह व्यवहार देखकर जनता एक भी सीट इस पार्टी को नहीं देगी।





