भारत का कौन-सा शहर कहलाता है Blue City Of India?

अगर आप भारत की खूबसूरती और उसकी ऐतिहासिक धरोहरों के दीवाने हैं तो आपने कभी न कभी Blue City of India के बारे में जरूर सुना होगा जहां की गलियां नीले रंग में रंगी हुई हैं और जहां का हर नजारा एक अलग ही दुनिया का एहसास कराता है। चारों ओर फैले नीले रंग के घर ऐतिहासिक किले और अनूठी संस्कृति आपको समय में पीछे ले जाती है।
यह शहर न केवल अपनी अनूठी वास्तुकला और रंग-बिरंगी संस्कृति के लिए जाना जाता है, बल्कि इसकी खासियत यह है कि जब सूरज ढलता है, तो इसकी नीली दीवारें और भी चमक उठती हैं, मानो आसमान खुद इस शहर को अपने रंग में रंगने आया हो।
इस जगह की खूबसूरती देखने के बाद आपको लगेगा कि यह कोई सपनों की दुनिया है, जिसे खास आपके लिए सजाया गया हो। आइए, जानते हैं कि भारत का कौन-सा शहर ‘Blue City of India’ के नाम से मशहूर है और इसे इतना खास क्या बनाता है।
भारत के इस शहर को कहते हैं ‘ब्लू सिटी’
राजस्थान के दिल में बसा जोधपुर वह शहर है, जिसे भारत का ‘ब्लू सिटी’ कहा जाता है। यह शहर सिर्फ अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और राजसी ठाठ-बाट के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अनोखी वास्तुकला और नीले रंग के मकानों के लिए भी जाना जाता है।
जब आप जोधपुर की संकरी गलियों में चलते हैं, तो आपको चारों तरफ नीले रंग के घर नजर आएंगे, जो इसे बाकी भारतीय शहरों से अलग बनाते हैं। खास बात यह है कि यहां के घरों का यह नीला रंग किसी एक गली या इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा शहर ही नीले रंग में रंगा नजर आता है।
क्या है ‘ब्लू सिटी’ की खासियत
ऐतिहासिक परंपरा
ऐसा कहा जाता है कि जोधपुर में पहले ब्राह्मण समाज के लोग अपने घरों को नीले रंग में रंगते थे, ताकि वे अन्य जातियों से अलग पहचाने जा सकें। धीरे-धीरे यह परंपरा पूरे शहर में फैल गई और अब लगभग पूरा पुराना जोधपुर नीले रंग में रंगा हुआ दिखाई देता है।
जलवायु का असर
राजस्थान एक गर्म राज्य है और जोधपुर में भीषण गर्मी पड़ती है। माना जाता है कि नीला रंग सूरज की किरणों को परावर्तित करता है और घरों को ठंडा रखता है। इसी कारण से यहां के लोग अपने घरों को नीला रंगना पसंद करते हैं।
कीड़े-मकोड़ों से बचाव
पुरानी मान्यता के अनुसार, नीले रंग का इस्तेमाल दीवारों पर इसलिए भी किया जाता था, ताकि मच्छर और अन्य कीड़े-मकोड़े घरों से दूर रहें। इस कारण से यह परंपरा और भी ज्यादा मजबूत हो गई।
शाही विरासत
जोधपुर का संबंध राजस्थान के शाही परिवारों से रहा है। यहां कई भव्य किले, महल और ऐतिहासिक इमारतें हैं, जो इसे एक राजसी रूप देती हैं। नीला रंग इस शहर की शाही पहचान को और भी खास बना देता है।
सूरज ढलते वक्त जादुई हो जाता है नजारा
अगर आप जोधपुर घूमने जाते हैं, तो एक खास अनुभव जो आपको जरूर लेना चाहिए, वह है यहां का सूर्यास्त देखना। जैसे ही सूरज ढलता है, जोधपुर की नीली दीवारें और भी चमकने लगती हैं। मेहरानगढ़ किले से पूरा शहर किसी नीले समंदर की तरह दिखता है और यह दृश्य इतना अद्भुत होता है कि इसे देखने के लिए दुनियाभर से लोग यहां आते हैं।
जब सूर्यास्त की नारंगी किरणें इन नीली दीवारों से टकराती हैं, तो पूरे शहर का नजारा जादुई लगने लगता है। ऐसा लगता है जैसे शहर ने नीली चादर ओढ़ ली हो और इस सुनहरे प्रकाश में अपनी सुंदरता को चार गुना बढ़ा दिया हो।
जोधपुर में घूमने की बेहतरीन जगहें
अगर आप जोधपुर घूमने जा रहे हैं, तो इन जगहों को देखना न भूलें।
मेहरानगढ़ किला
यह किला जोधपुर की सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। ऊँची पहाड़ी पर स्थित यह किला पूरे शहर का शानदार नज़ारा प्रदान करता है। किले की मोटी दीवारें और भव्य निर्माण इसकी शाही विरासत को दर्शाते हैं।
उम्मेद भवन पैलेस
इस महल को दुनिया के सबसे शानदार महलों में गिना जाता है। यह न केवल अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अब यह एक फाइव-स्टार होटल और म्यूजियम के रूप में भी कार्य करता है।
जसवंत थड़ा
संगमरमर से बना यह स्मारक, जोधपुर के राजघराने की याद में बनाया गया था। यह अपनी खूबसूरत नक्काशी और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।
मंडोर गार्डन
अगर आप हरियाली और ऐतिहासिक स्मारकों का संगम देखना चाहते हैं, तो मंडोर गार्डन जरूर जाएं। यह जगह जोधपुर के इतिहास से जुड़ी कई कहानियां बयां करती है।
सदर बाजार
अगर आप जोधपुर की ट्रेडिशनल खरीदारी करना चाहते हैं, तो सदर बाजार सबसे सही जगह है। यहां आपको राजस्थानी हस्तशिल्प, कपड़े, गहने और मसाले मिलेंगे।