क्या आपके पास भी है ऐसा बैंक खाता, तो आपके लिए ही है ये खबर

यदि आपके पास भी कोई फॉरेन बैंक अकाउंट है, तो इसकी जानकारी तुरंत भारत सरकार को दें। मोदी सरकार ने विदेश में खाता खोलकर वहां पैसे जमा करने वालों को इस साल क्रिसमस तक का समय दिया है। इसके बाद संबंधित देश और बैंक से पूरी जानकारी हासिल कर ली जाएगी और इनकम टैक्स की सख्त कार्रवाई भी होगी।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने से सरकार ने विदेशों में खाता रखने वालों को इस संबंध में पत्र जारी करना शुरू किया है। इनसे कहा गया है कि क्रिसमस से पहले तक अपने खातों के टैक्स रेसिडेंसी स्टेटस की जानकारी दें।
ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित बैंक सारी जानकारी भारत सरकार के साथ साझा कर देगी। इस खबर के बाद कई फॉरेन बैंक अकाउंट होल्डर्स दुविधा में हैं। उन्हें आशंका है कि जानकारी देने पर इनकम टैक्स के तमाम सवालों का सामना करना पड़ेगा।
ऐसे खाताधारकों में बड़ी संख्या में वे एनआरआई शामिल हैं, जिन्होंने टैक्स हैवन देशों में खाता खोलते समय भारत के अपने पते का उपयोग किया है। अब ऐसे खाताधारकों को भी टैक्स रेसिडेंसी स्टेटस का प्रमाण भारत सरकार के सामने पेश करना होगा।
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क्या है टैक्स रेसिडेंसी?
यह ऐसे लोगों या कंपनियों पर लागू होता है जिनका भारत और विदेशों में आना-जाना लगा रहता है। टैक्स रेसिडेंसी इस आधार पर तय होता है कि उस शख्स ने भारत में कितने दिन बिताए। सामान्यतया यदि कोई व्यक्ति वित्तीय वर्ष में 182 या इससे अधिक दिनों तक भारत में रहा है तो उसे भारत का नागरिक माना जाता है और फिर टैक्स वसूला जाता है। हालांकि यह दायरा अलग-अलग तरह की कंपनियों के लिए अलग-अलग है। यह व्यवस्था खासतौर पर उन लोगों या कंपनियों के लिए होती है, जो भारत और विदेशों में काम या बिजनेस करते हैं।





