Vidisha Lok Sabha Elections 2019 : देखने को मिलेगा विदिशा लोकसभा सीट पर मुकाबला

4 जिलों की आठ विधानसभा सीट वाले विदिशा संसदीय क्षेत्र में रोचक मुकाबले की उम्मीद जताई जा रही है। विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र से सहकारिता नेता रमाकांत भार्गव भाजपा का चेहरा हैं । उनके और कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान लगाया जा रहा है। लंबे समय बाद इस सीट से दो स्थानीय और सामान्य नेताओं के बीच चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा।
एक तरफ कांग्रेस प्रत्याशी ने पिछले 35 साल से इस सीट पर भाजपा के नेतृत्व को कोसकर सांसदों की नाकामी गिनाई तो वहीं इनके पास अपनी पार्टी की भी कोई उपलब्धि क्षेत्र के मामले में बताने को नहीं रही तो दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी ने इस सीट से 5 बार सांसद रहे शिवराज सिंह के कार्यकाल के कामों को गिनाकर वोट मांगे हैं। हालांकि पिछले 10 सालों का हिसाब-किताब जनता के बीच रखने उनके पास खास कुछ नहीं है।
रेल, रोजगार और पर्यटन की अनदेखी पर मुखर मतदाता
संसदीय क्षेत्र की आठों विधानसभा में अलग-अलग मुद्दों पर मतदाता अपने अब तक के सभी जनप्रतिनिधियों से कुछ नाराज सा नजर आया। रायसेन जिले की तीनों विधानसभा सीट सांची, सिलवानी और भोजपुर में मतदाता रेल लाइन के नाम पर छलावे और जिले में दो विश्व धरोहर सांची और भीमबेटिका सहित अन्य पुरातात्विक महत्व के स्थानों के विकसित न होने और इससे रोजगार बढ़ने की संभावना पर प्रश्नचिन्ह लगने से नाखुश दिखे।
विदिशा जिले की दो विधानसभा सीट गंजबासौदा और विदिशा क्षेत्र में लोगों का अब भी यह मानना है कि क्षेत्र को मिले नेतृत्व के अनुरूप बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं हुआ है। बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा तो है ही इसके साथ स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी बदहाली लोगों की निराशा और नाराजगी के रूप में उभरकर सामने आ रही है।
सीहोर जिले की दो विधानसभा सीट बुदनी और इछावर की अगर बात की जाए तो बुदनी (शिवराज इसी सीट से 13 साल सीएम रहे) तो कई मामलों में विकसित हुआ है, लेकिन इछावर को लोग विकास में पिछड़ा मान रहे हैं। देवास जिले की खातेगांव सीट पर किसानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होने से विशेषकर कृषक वर्ग में नाराजगी दिखी।
सीहोर जिले में रेत का अवैध उत्खनन भाजपा-कांग्रेस दोनों के लिए सवाल
सीहोर जिले में पिछले कई सालों से लेकर अब तक बेरोकटोक चल रहे रेत के अवैध उत्खनन पर स्थानीय लोगों के सवालों के जवाब कांग्रेस और भाजपा दोनों के पास नहीं रहे। पहले भाजपा सरकार और अब कांग्रेस सरकार के आने के बाद भी इस क्षेत्र में अगल कुछ नहीं बदला है तो वो रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन है और इसमें पहले बेलगाम डंपरों से हुई मौतों पर भी लोगों ने मुखर होकर दोनों प्रत्याशियों से सवाल किए हैं। दोनों सरकार में रेत का खनन होने से ग्रामीणों के सवालों से दोनों ही प्रत्याशी बचते नजर आए।
विदिशा लोकसभा क्षेत्र…एक नजर
-चार जिलों की 8 विधानसभा सीट
-रायसेन जिला- सांची, भोजपुर, सिलवानी
-विदिशा जिला- विदिशा, गंजबासौदा
-सीहोर जिला- बुदनी, इछावर
-देवास जिला- खातेगांव
-कुल मतदाता- 1730026
पुरुष-913275
महिला- 816403
पोलिंग बूथ- 2327
-पिछले लोकसभा चुनाव के नतीजे
2014
-सुषमा स्वराज, भाजपा प्राप्त मत 7,14,348
-लक्ष्मण सिंह, कांग्रेस 3,03,650
2009
-सुषमा स्वराज,भाजपा 438235
-चौ.मुनव्वर सलीम, सपा 48391





