VIDEO: मोर मोरनी ऐसे बनाते हैं सम्बन्ध, क्या आंसू वाली बात है गलत ? जाने पूरी सच्चाई

आज हम आपको अभी कुछ समय पहले की वो घटना याद दिलाना चाहते है जब एक जज ने मोर और मोरनी के सम्भोग को लेकर एक ऐसी टिप्पणी की थी जिसके बाद वो मजाक की बात बन गई थी .  खबरों के अनुसार जस्टिस शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि मोर को राष्ट्रीय पक्षी इसलिए घोषित किया गया है क्योंकि वह आजीवन ब्रह्मचारिता का पालन करता है . उन्होंने आगे कहा था कि उसके जो आंसू निकलते हैं मोरनी उसे चुग लेती है जिसके कारण वह गर्भवती हो जाती है . मोर कभी भी मोरनी के साथ सम्बन्ध नहीं बनाता है .

VIDEO: मोर मोरनी ऐसे बनाते हैं सम्बन्ध, क्या आंसू वाली बात है गलत ? जाने पूरी सच्चाईइसके बाद वे यहीं नही रुके बल्कि उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के मोरपंख धारण पर भी एक बयान दिया उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण ने इसे अपने मुकुट में इसलिए स्थान दिया है क्यूंकि वह ब्रह्मचारी है  और इसी वजह से ही मन्दिरों में लगाया जाता है . ठीक इसी तरह गाय के अंदर भी इतने गुण हैं कि उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए .

इस पर अपनी राय देते हुए पक्षी विशेषज्ञ बिक्रम ग्रेवाल ने कहा है कि जस्टिस शर्मा की बात में किसी तरह की सत्यता नहीं है. मोर सभी सामान्य पक्षियों की तरह ही प्रजनन करता है . वैज्ञानिकों के अनुसार मोर और मोरनी में एवियन प्रजनन अंग होता है जिसे ‘क्लोअका’ कहते है . जो भागीदारों के बीच शुक्राणुओं को स्थानांतरित करता है . जिससे यह बात साफ होती है कि मोर और मोरनी भी अन्य पक्षियों की तरह ही प्रजनन करते हैं .

तमिलनाडु स्थित सलीम अली पक्षी विज्ञान और प्राकृतिक इतिहास केंद्र के निदेशक के. शंकर ने कहा कि मोर और मोरनी में संभोग महज़ चंद सेकेंड्स के लिए होता है . उन्होंने आगे कहा कि मोर के पास शुक्राणु होता है और मोरनी के पास अंडे. मोर के शुक्राणु मोरनी के क्लोअका में जाकर अंडों को निषेचित करते हैं . उन्होंने बताया कि यह सिर्फ मोरनी का चुनाव होता है कि वो किस मोर को संबंध बनाने के लिए चुनेगी .

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