वैष्णो देवी रोपवे परियोजना के विरोध में बंद रहा कटड़ा

माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने शहर में विरोध मार्च निकाला और परियोजना को रद्द करने की मांग की।

वैष्णो देवी भवन के ताराकोट मार्ग को साझी छत से जोड़ने वाली प्रस्तावित 250 करोड़ रुपये की रोपवे परियोजना के विरोध में बुधवार को कटड़ा के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने शहर में विरोध मार्च निकाला और परियोजना को रद्द करने की मांग की।

बंद के चलते शहर में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। परिणामस्वरूप सड़कों पर वाहनों का आवागमन कम रहा। रोपवे परियोजना का विरोध करने के लिए समिति ने सुबह शालीमार पार्क से विभिन्न संगठनों के सहयोग से बड़ी रैली निकाली। हाथों में तख्तियां और काली पट्टियां बांधे प्रदर्शनकारियों ने श्राइन बोर्ड और परियोजना के खिलाफ नारे लगाए। संघर्ष समिति के अध्यक्ष बली राम राणा, सदस्य करण सिंह, सोनू ठाकुर, प्रभात सिंह, पीडीपी नेता प्रताप शर्मा, रमन सिंह, मोहन सिंह और अमरीक सिंह ने कहा कि बोर्ड 60,000 से अधिक परिवारों की रोजी-रोटी छीनने पर तुला है।

श्री माता वैष्णो देवी संर्घष समिति के आह्वान पर पैंथल, सिड़ा, सुल, कक्ड़याल, चडयाई मुत्ल, संदरानी, पागा और अघार जित्तो गांवों से हजारों लोग रोपवे के विरोध में कटड़ा पहुंचे। परियोजना के काम में लगे मजदूरों ने भी काम बंद रखा। सुबह 11 से लेकर शाम 5 बजे तक छह घंटे प्रदर्शन चला। इस दौरान एशिया चौक मार्ग अवरुद्ध रहा। जम्मू से राजपूत सभा के सदस्य भी सर्मथन में पहुंचे। होटल व्यवसायी, दुकानदार, टट्टू संचालक, मजदूर और ट्रांसपोर्टर सड़कों पर उतरे।

शालीमार बाग से निकली रोष रैली अप्पर बाजार, मुख्य बाजार से होते हुए श्रीधर चौक पर पहुंची और यहां धरना दिया गया। इसके बाद जम्मू मार्ग की ओर कूच किया गया। शहर के एशिया चौक पर शाम पांच बजे तक नारेबाजी हुई। उपायुक्त रियासी निधी मलिक ने कटड़ा पहुंचकर संघर्ष समिति के सदस्यों से एक घंटा बैठक की। उपायुक्त ने कहा कि उनका कुछ दिन पहले ही तबादला हुआ है। आपकी बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी। इसके लिए कुछ दिन का समय दें।

उन्होंने 23 दिसंबर तक जवाब देने का समय लिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। अब समिति 23 दिसंबर को दोपहर दो बजे शालीमार बाग में बैठक करेगी। समिति के सदस्यों ने बताया कि उनके दो मुद्दे हैं। पहला रोपवे परियोजना पर रोक लगे और दूसरा दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे की सिक्सलेन ताराकोट को छोड़कर कटड़ा में ही समाप्त हो। ताराकोट तक रोड जाने से बसा बसाया कस्बा उजड़ जाएगा।

सरकार प्रतिबद्धता को पूरा करने में रही विफलः जुगल किशोर
वैष्णो देवी ट्रेक मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह जामवाल ने कहा, मैं चाहता हूं कि इस परियोजना को रोक दिया जाए। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

रैली में शामिल हुए और पूर्व मंत्री जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि सरकार 15 दिसंबर तक इस मुद्दे को हल करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि समिति ने पहले स्थानीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद अपना विरोध-प्रदर्शन स्थगित कर दिया था, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर आंदोलन फिर से शुरू हो गया।

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