राजस्थान रोजगार मेला: उम्मीदें लेकर आए निराश होकर लौट गए बेरोजगार

अमृतसर. घर-घर नौकरी प्रोग्राम के अधीन शनिवार को सरकारी आईटीआई रणजीत एवेन्यू में लगाए गए रोजगार मेले में ज्यादातर युवा आवेदनकर्ता निराश दिखाई दिए। प्रशासन की तरफ से हेल्प डेस्क स्थापित किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई युवा इधर-उधर भटकते दिखे। ज्यादातर का कहना था कि इंटरव्यू में उनके बायो डाटा रख लिए गए, वेतन नहीं बताया और बाद में काल करने की बात कही गई। इसके अलावा कइयों का कहना था कि उनको जो जाब आफर की जा रही है, वह उनकी क्वालिफिकेशन के हिसाब से बिलकुल उलट है।राजस्थान रोजगार मेला: उम्मीदें लेकर आए निराश होकर लौट गए बेरोजगार

दूसरी तरफ शाम को सरकारी प्रैस नोट जारी करके 1 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई, जिसमें हवाला दिया गया कि मेले में आईटी, इंजीनियर और सैर-सपाटा उद्योग से संबंधित 47 कंपनियों ने हिस्सा लिया था। जिनके पास विभिन्न क्षेत्रों में 2300 के करीब पोस्टें थी और 10वीं से लेकर मास्टर डिग्री और डिप्लोमा होल्डर 2279 बेरोजगारों ने हिस्सा लिया। मेले में जिला डिप्टी कमिश्नर कमलदीप सिंह संघा, एडीसी रविंदर सिंह, पंजाब प्रदेश महिला कांग्रेस प्रधान ममता दत्ता मौजूद थीं।

जो जाॅब दे रहे, पर वो प्रोफाइल मुताबिक नहीं

जाॅबमेले में आवेदन करने आए गुरविंदर पाल सिंह ने कहा कि उन्होंने पीजीडीसीए की हुई है। मेले में रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें काॅल सेंटर की जाॅब के लिए इंटरव्यू को भेज दिया गया, जो कि उनकी प्रोफाइल से मैच नहीं करती। एक साथ 10-10 कैंडिडेट भेजे जा रहे थे। इससे पहले एलपीयू में भी जाब मेला लगा था, जहां नौकरी तो मिली नहीं लेकिन अव्यवस्थाओं का आलम था।

एमएससीबायोटेक शरणजीत कौर ने बताया कि उन्हें टोकन नंबर 1323 देकर कमरा नंबर 15 में भेजा गया था। उनकी फार्मास्युटिकल लाइन बनती है लेकिन उन्हें काल सेंटर के लिए इंटरव्यू को भेज दिया गया। जाॅब मेला से रोजगार को लेकर कोई फायदा दिखाई नहीं दिया
सुखजिंदरसिंह ने बताया कि वह एमसीए किए हुए हैं और प्राइवेट कंपनी से 18 हजार का वेतन ले रहे हैं। इंप्लायमेंट एक्सचेंज की तरफ से मैसेज आया था, उन्होंने समझा कि सरकारी नौकरी के लिए इंटरव्यू होने जा रहे हैं।

पहले भी कई मेलों में धक्के खाए, यहां भी वही मिले

पोस्टग्रेजुएट चरणजीत ने बताया कि उन्हें टोकन नंबर 1571 दिया गया था। वह भी सरकारी नौकरी सोच कर आए थे। 12.30 बजे तक तो उद्घाटन का काम ही चलता रहा। एलपीयू में भी जाब मेला लगा था, जहां सिर्फ धक्के खाकर लौट आए थे।

रोजगार मेले में विभिन्न कंपनियों ने हिस्सा लिया है वहीं बड़ी संख्या में युवा आवेदन करने आए हैं, कुछ कमियां रह जाती हैं, जिन्हें दूर किया जाएगा। मेले में किसी को कोई दिक्कत आए इसपर नजर रखने के लिए एडीसी की ड्यूटी लगाई है। बाकी मेहनत के बिना कामयाबी का कोई तरीका नहीं है, जो बच्चे कामयाब लोगों को देखकर शार्टकट पर निर्भर रहते हैं वह कभी कामयाब नहीं होते। करोड़ों की आबादी में यदि हरेक लाटरी निकलने की उम्मीद रखे तो यह मूर्खता ही हो सकती है। पढ़ाई के साथ साथ जिंदगी की हकीकत को समझने की जरूरत है। कमलदीपसिंह संघा, डीसी

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