राजस्थान: कर्ज के तले दबे बेबस किसान, कहा- आप ही करवाओं हमारी बेटियों की शादी
श्रीगंगानगर. बढ़ते कर्ज और फसल की लागत नहीं मिलने से यहां किसान परेशान हैं। बदहाली का आलम यह है कि बेटे को रहने के लिए ससुराल भेज दिया है। बेटी की शादी सामूहिक विवाह समारोह में कराने की गुहार लगा रहे हैं। जैड 9 गांव के बीर बलराम को तीसरी बेटी पूजा की शादी करनी है। सिर पर 1 लाख का कर्ज है। बेटे को रहने के लिए ससुराल भेज दिया। बलराम ने अब श्रीगंगानगर की संस्था बाबादीपसिंह सेवा समिति को पत्र लिखा है कि बेटी की सगाई हो चुकी है। आप सामूहिक शादियों में ही इसकी शादी करवा दो।

नहीं है शादी करने लायक भी पैसा…
बता दें कि बाबादीपसिंह सेवा समिति हर साल अक्टूबर-नवंबर में 31 जरूरतमंद बेटियों की शादी करवाती है। ऐसा पहली बार हुआ है कि तारीख तय होने से पहले ही 35 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं और इनमें 20 आवेदन किसानों के हैं। सबकी एक ही गुहार है- कर्ज और फसलों की सही लागत कीमत नहीं मिलने से अब हालत यह हो गई है कि हमारे पास बच्चों की शादी लायक भी पैसा नहीं बचा।
पूरी शादी कैशलेस
कमेटी के मैंबर विनोद सेठी ने बताया कि चूंकि इलाके के हालात खराब हैं। इसलिए समिति ने तय किया है कि इस बार शादियां कैशलेस होंगी। समिति से जुड़ने वाली सभी संस्थाओं से आग्रह किया जाएगा कि वे शादी में रुपए देने के बजाय गिफ्ट व अन्य सामान दें, ताकि वो इन्हीं परिवारों को दिया जा सके। लोगों से भी आग्रह करेंगे ।
इस बार किसानों को छह माह का राशन देंगे
मुख्य सेवादार तेजेंद्रपाल सिंह टिम्मा बताते हैं कि यह पहली बार है कि शादी की तारीख से पहले ही आवेदन आ चुके हैं। सभी ने दो ही मजबूरी बताई हैं। पहली, फसलों की सही लागत नहीं मिलना और दूसरी बेटी का कम पढ़ा-लिखा होना। किसानों ने कहा कि उनके पास इतना रुपया नहीं था कि वे बेटियों को पढ़ा सकें। समिति ने तय किया है कि इस बार शादियों में किसानों व मजदूरों को 6 माह का राशन भी दिया जाएगा।





