आज का दिन है बेहद खास, चाहिए समृधि, तो जरुर करें इनमें से 1 उपाय

रेवती नक्षत्र के दौरान विद्या का आरंभ, गृह प्रवेश, विवाह, किसी सम्मान समारोह में जाना, देव प्रतिष्ठा इत्यादि कार्य करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। रेवती नक्षत्र व्यक्ति को सुंदर, तेजवान, चतुर, बुद्धिमान और धन-धान्य से युक्त बनाता है। इस नक्षत्र को धन सम्पदा की प्राप्ति तथा एक अच्छे सुखी जीवन के साथ जोड़ कर देखा जाता है। रेवती नक्षत्र की राशि मीन है और मीन राशि के स्वामी गुरु हैं जबकि रेवती नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं। अतः रेवती नक्षत्र में मंगल की उपासना करनी चाहिए। आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों में से रेवती नक्षत्र को अंतिम नक्षत्र माना जाता है। नक्षत्र का अर्थ है- कुछ तारों को मिलकर बनी एक आकृति। कहते हैं रेवती नक्षत्र 32 तारों का समूह है, जिसका अर्थ है- धनवान या धनी।

बिजनेस में वृद्धि के लिए
23 जनवरी दिन मंगलवार का राशिफल: जानिए क्या आज मंगलवार को आप का होगा मंगल? जानने के लिए पढ़ें ये राशिफल
हर कोई चाहता है कि उसके व्यापार की बिक्री बढ़ जाए और बिजनेस में अधिक से अधिक धन लाभ हो। इसके लिए रेवती नक्षत्र में लाल चंदन, लाल फूल और रोली लेकर, एक लाल रंग के कपड़े में बांधकर पोटली बना लें और आने वाले एक सप्ताह के लिए मंदिर में रख दें। एक सप्ताह बाद कपड़े की पोटली में से तीनों चीज़ों को निकालकर पीपल के पेड़ के नीचे रख दें और उस लाल कपड़े को अपने पास संभालकर रख लें। ऐसा करने से आपके बिजनेस में बढ़ोत्तरी होना तय है।
धनलाभ
यदि कुछ-कुछ समय बाद आप अपने आपको किसी न किसी आर्थिक समस्या से घिरा पाते हैं या आपके हाथ से कई बार धनलाभ के अच्छे अवसर निकल जाते हैं तो रेवती नक्षत्र में मूंगे की माला से हनुमान जी का मंत्र जाप करें। मंत्र है-
“ऊँ हं हनुमनते नमः”.. ऐसा करने से आपकी सभी आर्थिक समस्याएं दूर होंगी।
तरक्की के लिए
यदि आप अपने बिजनेस को दूर विदेश तक पहुंचाना चाहते हैं और उसकी तरक्की देखना चाहते हैं, तो इसके लिए रेवती नक्षत्र में गाय का गोबर लाकर घर की पूर्व दिशा के छोटे से स्थान में गोबर का चौका मार दें, यानी गोबर से लीप दें। इसके बाद लाल सिंदूर से 8 कोनों वाला फूल का डिजाइन बनाएं और उस पर लाल कपड़ा बिछाकर 900 ग्राम लाल मसूर की दाल की ढेरी बनाएं। उसके बाद हनुमान यंत्र या हनुमान जी की प्रतिमा लेकर वहां रख दें।
सफलता के लिए
यदि लाख प्रयासों के बावजूद भी आपका सोचा हुआ काम समय रहते पूरा नहीं होता तो रेवती नक्षत्र में हनुमान जी के मन्दिर जाकर सिंदूर का टीका लगाएं और अपने हाथ की कलाई पर लाल धागा बांध लें। आपके सारे काम पूरे होंगे। अब पानी से यंत्र या मूर्ति पर छींटा मारें और रोली से तिलक करें । साथ ही गुड़ का भोग लगाएं । अब भगवान से अपने कार्य की सफलता के लिए प्रार्थना करें और सूर्य छिपने से पहले हनुमान जी की मूर्ति या यंत्र वहां से हटाकर अपने घर के मन्दिर में स्थापित कर लें और बाकी शेष सामग्री लाल कपड़े में बांध कर बहते जल में प्रवाहित कर दें। विदेश में अपना बिजनेस फैलाने की इच्छा जल्द ही पूरी होगी।
संतान सुख के लिए
अगर आप संतान सुख पाना चाहते हैं, तो इसके लिए रेवती नक्षत्र में सुबह स्नान करने के बाद एक जटा वाला नारियल और सवा मीटर लाल कपड़ा लें। उस लाल कपड़े को नारियल के ऊपर लपेटकर, 21 बार कलावे से बांध दें। अब नारियल को अपने ऊपर से 7 बार वारकर घर में पूजा वाले स्थान पर रख दें और संभव हो तो सुंदरकांड का पाठ करें। फिर भगवान से प्रार्थना करते हुए मन्दिर में रखे नारियल को लेकर बहते जल में प्रवाहित कर दें। आपकी मनोकामना जरूर पूरी होगी।
दाम्पत्य जीवन
यदि आपके दाम्पत्य जीवन में बहुत-सी समस्याओं ने अपनी जगह बना रखी है या फिर लव लाइफ में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो रेवती नक्षत्र में महुआ के पेड़ से एक कलम के बराबर लकड़ी लेकर आएं और उस लकड़ी से सिंदूर लेकर, नारियल के ऊपर स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं । साथ ही अगर संभव हो तो मंगल स्त्रोत का पाठ करें। जल्द ही आपके दाम्पत्य जीवन की परेशानियां दूर होंगी।
तनाव से निजात पाने के लिए
यदि आप अपने काम को लेकर हमेशा तनाव में रहते हैं या किसी न किसी कारणवश आये दिन आपकी नौकरी में बदलाव होते रहते हैं, तो रेवती नक्षत्र में सुबह के समय महुआ का एक पत्ता तोड़ कर घर ले लाएं और उस पत्ते को साफ पानी से धोकर, उस पर ‘श्री राम’ लिखकर अपने पर्स में या तिजोरी में रख लें। आपका तनाव धीरे-धीरे करके अपने आप कम हो जायेगा।





