ये है दुनिया की सबसे छोटी शार्क, बड़े ही कमाल का है चमकता हुआ पेट!

शार्क शब्द सुनते ही दिमाग में एक बड़े आकार के समुद्री जीव का ख्याल आता है, जिसे हमने पहले भी कई बार देखा होता है. शार्क के आते ही समुद्र में हलचल बढ़ जाती है और सारे जीव इधर-उधर भागने लगते हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी शार्क के बारे में बताएंगे, जो दुनिया में सबसे छोटी है, जिसका नाम ड्वार्फ लैंटर्नशार्क है. सबसे छोटी शार्क होने के अलावा, इसका चमकता हुआ पेट बड़े ही कमाल का है और साथ ही ये अंधेरे में भी देख सकती हैं. इसके पास ऐसी कई खूबियां हैं, जिनके बारें में आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं! अब इसी शार्क की तस्वीर वायरल हो रही है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर ये तस्वीर @Rainmaker1973 नाम के यूजर ने पोस्ट की है, जिसके कैप्शन में बताया गया है कि ‘ड्वार्फ लैंटर्नशार्क एटमोप्टरिडे फैमिली (Etmopteridae Family) की एक अल्पज्ञात प्रजाति है और संभवत: दुनिया की सबसे छोटी शार्क है, जिसकी अधिकतम ज्ञात लंबाई 20 सेंटीमीटर है. यह फॉटोफॉर्स से लाइट उत्पन्न करने में सक्षम है.’

animalsake.com की रिपोर्ट के अनुसार, ड्वार्फ लैंटर्नशार्क तभी दिखाई देती है, जब इसे मछुआरों द्वारा दुर्घटनावश पकड़ लिया जाता है. इसकी लंबाई 16 से 20 सेंटीमीटर तक होती है. यह शार्क इतनी छोटी होती है कि किसी के हाथ की हथेली में भी समा सकती है. उनका एक लंबा, चपटा सिर होता है, जो शरीर के एक तिहाई हिस्से पर होता है. उनके पास बड़ी बल्बनुमा आंखें (Bulbous Eyes) होती हैं जो उन्हें अंधेरे में नेविगेट करने में मदद करती हैं.

ऐसे कमाल का है चमकता हुआ पेट

ड्वॉर्फ लैंटर्नशार्क डार्क ब्राउन कलर की होती है. इन शार्क में बायोल्यूमिनसेंट गुण होते हैं, जो उन्हें गहरे समुद्र में नेविगेट करने में मदद करते हैं. ये शार्क अंधेरे में चमक कर शिकार को आकर्षित करती हैं और जब वे करीब आते हैं तो उन्हें खा जाती हैं. ये अपने नीचे तैर रहे शिकारियों के लिए अदृश्य रहते हैं, क्योंकि चमकता हुआ पेट उनके आकार को छिपा देता है, जिससे ये शिकारियों से बच पाती हैं.

इसके ऊपरी जबड़े में 20 से 23 दांत और निचले जबड़े में 30 से 34 दांत होते हैं. ये शार्क क्रिल, झींगा, ज़ोप्लांकटन और छोटी मछलियों को खाती हैं. इसका औसत जीवनकाल 20-30 साल हो सकता है. इसके शरीर पर 5 छोटे गिल स्लिट होते हैं. इसका साइंटिफिक नाम एटमोप्टेरस पेरी (Etmopterus perryi) है, जो फेमस शार्क एक्सपर्ट पेरी गिल्बर्ट के नाम पर रखा गया है. इसकी खोज 1964 में की गई थी.

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