इस लड़की के पिता ने बताई फलाहारी बाबा की सारी सच्चाई, ऐसे करता था…

  • अलवर. फलाहारी बाबा पर लगे बिलासपुर की 21 साल के लड़की ने सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप के बाद से ही अलग-अलग तरह की बातें सामने आ रही हैं। अनुयायी जहां इसे एक साजिश बता रहे हैं, वहीं विक्टिम का पिता आरोपों में सच्चाई का दावा कर रहा है। ऐसे में विक्टिम के पिता से उन तमाम सवालों के जवाब लिए जो आमजन और भक्तों की जुबां पर हैं। जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह फलाहारी बाबा महिलाओं को कैसे फंसाता था। 
    इस लड़की के पिता ने बताई फलाहारी बाबा की सारी सच्चाई, ऐसे करता था...

    बताया- बाबा ऐसे फंसाता था महिलाओं काे…

    Q. फलाहारी बाबा की अधिकांश भक्त महिलाएं ही क्यों होती हैं?
    A.यह बाबा महिलाओं का माइंडवाश करके उनसे अकेले में मिलता-जुलता रहता था और उन्हें फंसाता था। धार्मिक कार्यों में महिलाओं का ही रोल रहता है। बाबाओं का गुणगान करती हैं। इसलिए उनकी तादाद ज्यादा रहती है। 
    Q. आपके बीच पैसों का लेन-देन था। क्या कोई इश्यू है। बताया जा रहा है कि आपने भी कुछ पैसा दिया था?
    A.नहीं-नहीं पैसों का कोई इश्यू नहीं है। हम तो इनको पैसा इस तरह से समर्पण किए हैं कि बता नहीं सकते। सच कहें तो हमने तो पैसा लुटाया है। बहुत दिया है हमने तो इन्हें। 
    Q. बताया जा रहा है कि आपका 6-7 करोड़ रुपए हैं?
    A.इतना नहीं है जो दिया है वो सारा पैसा रिकॉर्ड में हैं। चित्रकूट आश्रम, गाड़ी के अलावा कुंभ में भंडारा करवाना सहित कई बार स्वेच्छा से पैसा दिया है। 
    Q. आपकी बेटी अकेली यहां क्यों आई, पहले भी दोनों बहने यहां आई थी और काफी दिन रुकी थी?
    A.पहले हम खुद ही लेकर आए थे। मेरी छोटी बेटी बीमार थी, दिल्ली एम्स में इलाज कराने के लिए आए थे। हमारी मन्नत मेहंदीपुर बालाजी में थी। उस समय ये बोले की यहां ले आओ हम पूजा पाठ कराएंगे। 
    Q. बेटी का अकेले आना कहीं बाबा को फंसाना तो नहीं था?
    A.नहीं ऐसा नहीं है, राखी का दिन था, बेटी की एक ही दिन की छुट्टी थी। दोपहर के बाद ग्रहण लगा था। शाम को मंदिर बंद रहा था। फलाहारी ही भक्तों से दोपहर में कह रहे थे कि राखी बंधवाओं और दर्शन कर लो फिर मंदिर बंद हो जाएगा। 
    Q. ऐसा भी कहा जा रहा है कि कहीं छोटे महाराज तो आपके साथ पूरा खेल नहीं खेल रहे हैं। क्योंकि आपके इनसे भी अच्छे संबंध थे?
    A.ऐसा नहीं है ये दोनों सगे मामा-भांजे हैं। फलाहारी की बड़ी बहन का बेटा है सुदर्शनाचार्य। इसका एक बड़ा भांजा है बालमुकुंद जो यूपी में कॉलेज चलाता है। खेल की कोई बात ही नहीं है। 
    Q. पुलिस ने आश्रम से क्या-क्या जब्त किया है?
    A.पुलिस को आश्रम से जड़ी बूटी, दवाइयां, लैपटॉप, सीडी, पायल, महिलाओं से संबंधित कई आइटम मिले हैं। 
    Q. आपको क्या लगता है अब क्या होना चाहिए?
    A.इसकी पूरी संपत्ति जब्त कर सरकार अपने पजेशन में ले। 
    Q. लोग कहते हैं कि 30 साल से बाबा से जुड़े हैं, ऐसा कोई प्रकरण नहीं आया। आपका क्या कहना है?
    A.इसके सभी कार्यक्रमों की सीडी निकलवाकर देखी जाए। लोग क्या-क्या घोषणाएं करते हैं। छत्तीसगढ़ के लोग अंधभक्त हैं और बहुत दान दिया है। 
    Q. पुलिस ने दो दिन में क्या किया है?
    A.पुलिस पूरा पंचनामा बना रही है। कोर्ट के आदेश की इंतजार में है। यह बाबा मायावी है, मेडिकल ग्राउंड पर बहाना बनाकर भर्ती हो गया है। इसलिए ठोस काम कर रही है पुलिस। 
    Q. आपसे कल और आज क्या-क्या बात हुई?
    A.बिलासपुर में जीरो एफआईआर हुई थी। सब कुछ वही हुआ है। वहां के बयानों को क्रास चेक किया है और पीडि़ता के मुंह से सुनना चाहते थे। जगह को आइडेंटिफाई कराना था। 
    Q. रात को तस्दीक में क्या हुआ?
    A.सिर्फ एक बच्चे की तस्दीक हुई है बाकी को इसने भगा दिया। इस स्कूल का रिकॉर्ड जांच कराया जाए, यहां सरकार और भक्त लोगों का पैसा लगा हुआ है। 
    Q. बाबा का कितना करोड़ का कारोबार होगा?
    A. इसके पास बहुत प्रॉपर्टी है, जमीन, जायदाद, आश्रम कई जगह हैं। 
    Q. लोगों का कहना है कि बाबा तो किसी को छूते तक नहीं थे, डंडे से ही आशीर्वाद देते थे?
    A.यही तो बात थी इसकी का फायदा उठाया कि डंडे से दिन में आशीर्वाद दो और रात में तेल मालिश और पैर दबवाओ। इनका एक दिन निर्धारित रहता था जिसका प्रचार वाॅट्सऐप से करते हैं कि एक निश्चित दिन जड़ी-बूटी देते हैं। जिससे बच्चा पैदा होता है। 
    Q. आपके बयान में बेटी को शहद लगाने की बात आई थी, यह तो वृद्ध था आपकी बेटी ने विरोध क्यों नहीं किया?
    A.यह बाबा मायावी है, हम खुद इसकी हकीकत बहुत बाद में पहचान पाए। बेटी तो हक्की-बक्की रह गई कि जिसको बचपन में खिलाया और उसके बाद ऐसा कृत्य हो तो क्या करती। फिर भी मौका मिलते ही वह निकल गई। 
    Q. घटना जिस समय की बताई जा रही है लोगों की उस समय भीड़ रहती है फिर यह सब कैसे संभव हुआ?
    A.उस दिन ग्रहण का दिन था सिर्फ स्कूल के बच्चे ही वहां थे। मेरा यही कहना है कि जो लोग इसे छोड़कर गए हैं उन्हें बुलाया जाए और गहन पूछताछ की जाए। सब कुछ साफ हो जाएगा। इन्हें 15 से ज्यादा अजीज लोग छोड़कर जा चुके हैं। 
    Q. ऐसा तो नहीं है कि मंदिर में दूसरा पुजारी नियुक्त हो गया और भांजा पूरा खेल कर रहा हो?
    A.मैं बता चुका हूं कि यह बाबा मायावी है। यहां मंदिर के आस-पास मीणा परिवार है जिनकी बुराई वहां छत्तीसगढ़ में करता था और वहां की यहां करता था। मंदिर निर्माण में तो भक्तों का पैसा लगा है। मैं स्वयं इसमें ट्रस्टी हूं। रजिस्ट्रार कार्यालय में देखो छत्तीसगढ़ के कई ट्रस्टी हैं इस मंदिर में। 
    Q. बेटी ने बयान में बाबा के हवाले से दूसरी बहन का जिक्र किया था, कहां तक सही है?
    A.बाबा ने वह बात अपने मन से कही है। बेटी ने बयान वहीं दिया था जो बाबा ने कहा। 
    Q. छत्तीसगढ़ में बाबा आपके यहां रुकते थे क्या?
    A.बाबा का 2008 से पूरा इंतजाम मेरे घर ही रहता था। हमने इनको रुकने की पूरी जगह दी हुई थी। इनके साथ आने वाले 10 से 15 लोगों का इंतजाम वहीं रहता था। भंडारा टाइप चलता था। हमने इसे अपना बाप, भगवान सब माना हुआ था। कल्पना नहीं की थी कि जो बच्चों को खिलाएगा उसका यह रूप भी देखने को मिलेगा। 
    Q. आप यदि खुलासा नहीं करते तो क्या करते, इससे आप भी बच सकते थे?
    A.मान-सम्मान को ठेस लगी इसलिए सामने हूं। मैं इनके भक्तों से अनुरोध करता हूं कि फलाहारी से डरे नहीं खुलकर अपनी बात सामने रखें।

    धर्मप्रचार के लिए मैंने ही दी थी ट्रेवलर गाड़ी

    विक्टिम के पिता ने साफ किया कि जो सफेद कलर की गाड़ी बाबा के आश्रम के बाहर खड़ी है उसे 2013 में खरीदने के बाद महेंद्रा एंड महेंद्रा से फाइनेंस कराने के बाद मैने ही बाबा को दी थी। धर्मप्रचार के लिए यह गाड़ी मैंने दी थी और कुछ दिन पहले ही लोन पूरा होने के बाद बाबा के नाम ट्रांसफर करवाई है। विक्टिम के पिता ने गाड़ियों के कागजात भी पुलिस को मुहैया कराए हैं।

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    बाबा की फिर नहीं हुई गिरफ्तारी

    – मामले में आरोपी फलाहारी महाराज कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। वहीं, पुलिस शुक्रवार दोपहर पौने एक बजे के करीब आईपीएस अनिल बेनीवाल विक्टिम को लेकर एक बार फिर बाबा के आश्रम पर गई और वहां से कुछ फोटोग्राफ करवाएं। इसके साथ ही अब तक पुलिस ने आश्रम के 5 शिष्यों से भी पूछताछ की है। शाम तक गिरफ्तारी को लेकर पुलिस टालती रही।
    – वहीं विक्टिम के पिता ने भी बाबा पर दूसरे भी कई आरोप लगाए हैं। बाबा अस्पताल में भर्ती है। उन्हें आईसीयू से डीलक्स वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
    – डाॅक्टर गुरुवार को ही कह चुके है कि बाबा ठीक है, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन वहां रोका हुआ है। आम लोगों का आरोप है कि पुलिस पर राजनीतिक दबाव के कारण बाबा को वक्त दिया जा रहा है। हॉस्पिटल में बाबा से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है, लेकिन बाबा को यह छूट है कि वह किसी को भी बुलाकर बात कर सकते है। दिन में उन्होंने कई बार अपने शिष्यों को बुलाकर उनसे बातचीत की।
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