घर में बज रहे थे ढोल-नगाड़े, पर दर्द से तड़प रहे थे दादा! किडनी में निकले पत्थर

पुणे: अब जरा सोचिए, शादी की धूमधाम हो और कोई दर्द से कराह रहा हो. यही हुआ इंदापुर के रहने वाले 70 साल के एक शख्स के साथ. 24 फरवरी को उनकी पोती रोज़ी की शादी थी. घर में रौनक थी, ढोल-नगाड़े बज रहे थे, लोग हंसी-खुशी में डूबे थे… मगर बेचारे दादा की हालत कुछ और ही थी. उनके गुर्दे (किडनी) में पत्थर थे, और दर्द इतना भयानक कि चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया. हालांकि, 27 फरवरी को डॉ. पद्मसेन रानबागले और उनकी टीम ने एंडोस्कोपी से बिना चीर-फाड़ के पत्थर निकालने का फैसला लिया और ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ.

सर्जरी करना बहुत जोखिम भरा था
शादी के दो दिन बाद तक दर्द ऐसा बढ़ा कि उन्हें एक के बाद एक स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन कहीं राहत नहीं मिली. आखिरकार, उन्हें ससून सर्वोपचार अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने CT स्कैन किया तो हकीकत सामने आई—गुर्दे में 5.3×3 सेंटीमीटर के दो बड़े-बड़े पत्थर जम चुके थे. उम्र भी 70 पार थी, ऐसे में सर्जरी करना बहुत जोखिम भरा था.

बता दें कि डॉक्टरों ने रास्ता निकाला. एंडोस्कोपी के जरिए बिना चीर-फाड़ किए पत्थर निकालने का फैसला हुआ और फिर, 27 फरवरी को डॉ. पद्मसेन रानबागले और उनकी टीम ने ये मुश्किल काम पूरा कर दिखाया. बिना बड़ी सर्जरी के बुजुर्ग का दर्द दूर कर दिया गया.

ये पत्थर आखिर आए कहां से
डॉ. रानबागले यही सलाह देते हैं कि अब आप भी सोच रहे होंगे कि ये पत्थर आखिर आए कहां से? जवाब सीधा है—गलत खानपान और लापरवाही. डॉक्टरों का कहना है कि खाने की जल्दबाजी और अनियमित आदतें ऐसी ही मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं. “खाना आराम से, सुकून से और सही तरीके से खाइए, नहीं तो ऐसी ही दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.”

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