ये दोनों भाई हर काम करते थे एक साथ, फिर ऐसे हुई दोनों की एक साथ मौत
उदयपुर।दो कजिन ने साथ शुरू किया था बिजनेस। अधिकांश समय साथ ही बिताते थे। हर अहम काम में दोनों की भागीदारी रहती थी और भीषण सड़क हादसे में दोनों की एक साथ ही मौत हो गई। उदयपुर के पास हुए एक्सीडेंट में दोनों की जान चली गई। हादसे में इनके साथ दो और दोस्तों की भी मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि शवों को क्रेन से निकालना पड़ा।

जानिए और इस बारे में…
– पुलिस के मुताबिक उदयपुर से डूंगरपुर जा रही कार अचानक अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी।
– टक्कर इतनी भीषण थी कि चार लोग बुरी तरह क्षतविक्षत होकर कार के अंदर फंस गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
– वहां से गुजर रहे वाहन चालक मदद को आए तथा पुलिस को फोन किया।
– मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से शवों को निकालने की कोशिश की लेकिन शवों के बुरी फंसे होने के कारण उन्हें निकाला नहीं जा सका।
– इसके बाद क्रेन मंगवाकर उसकी मदद से शवों को निकाला गया। पुलिस ने घायलों को उदयपुर एमबी अस्पताल तथा शवों को मोर्चरी भिजवाया। घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
– वहां से गुजर रहे वाहन चालक मदद को आए तथा पुलिस को फोन किया।
– मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से शवों को निकालने की कोशिश की लेकिन शवों के बुरी फंसे होने के कारण उन्हें निकाला नहीं जा सका।
– इसके बाद क्रेन मंगवाकर उसकी मदद से शवों को निकाला गया। पुलिस ने घायलों को उदयपुर एमबी अस्पताल तथा शवों को मोर्चरी भिजवाया। घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
दिग्विजय और चंद्रवीर मौसेरे भाई थे, मिलकर खोली थी कपड़ों की दुकान
– मृतक चंद्रवीर सिंह और बर्थडे ब्वॉय दिग्विजय सिंह मौसेरे भाई हैं। दोनों ने मिलकर शहर में अस्पताल बाइपास पर नई सब्जी मंडी के सामने रजवाड़ा कलेक्शन के नाम से दुकान खोली थी। दीपावली की रात दोनों दुकान बंद कर घर पर खाना खाए पार्टी करने निकल पड़े।
– चंद्रवीर शहर से 17 किलोमीटर दूर गांव में रहता था। वह रोज गांव से शहर आता था। दोनों रिश्तेदार होने के साथ गहरे दोस्त भी थे। दोनों घूमना-फिरने सहित सभी काम साथ ही करते थे। – दिवाली के दिन भी चंद्रवीर ने दिग्विजय के साथ उसके घर खाना खाया था। इसके बाद दोनों अपने दोस्तों के साथ घूमने निकले जहां रास्ते में एक्सीडेंट में दोनों की मौत हो गई।
रात 10.30 बजे तक घर पर ही था ललित, दोस्त आए और ले गए
– मृतक ललित तंबोली के भाई जयप्रकाश तंबोली ने बताया कि दिवाली के दिन रात 10.30 बजे तक वह घर पर ही था। ललित सीमलवाड़ा में गिफ्ट की दुकान पर काम करता है। रात 10.30 बजे दो दोस्त घर आए और ललित को ले गए।
– दिवाली के दिन मौत होने से परिवारों में मातम छा गया।
– दिवाली के दिन मौत होने से परिवारों में मातम छा गया।
सभी दोस्त थे
– कार में सवार सभी युवक दोस्त थे। सभी डूंगरपुर के व्यापारियों के पुत्र थे। ये लोग दीपावली पर उदयपुर घूमकर घर लौट रहे थे।
– इनमें कार को गोकुल चला रहा था। कार ड्राइवर के अपोजिट साइड से भिड़ी इससे कार चला रहा गोकुल बच गया।
– हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बरा हाल था।
– इनमें कार को गोकुल चला रहा था। कार ड्राइवर के अपोजिट साइड से भिड़ी इससे कार चला रहा गोकुल बच गया।
– हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बरा हाल था।
हमेशा के लिए बिछड़ गए ये दोस्त
– पुलिस के अनुसार रेलड़ा पीपलादा निवासी महिपाल सिंह पुत्र नटवर सिंह (20), गाामड़ी आहाड़ा निवासी चंद्रवीर पुत्र महिपाल सिंह (22), मांडवा हाल हाउसिंग बोर्ड निवासी दिग्विजय पुत्र बलवीर सिंह (25) और ललित पुत्र राजमल तंबोली (25) की मौत हो गई
– पुलिस के अनुसार रेलड़ा पीपलादा निवासी महिपाल सिंह पुत्र नटवर सिंह (20), गाामड़ी आहाड़ा निवासी चंद्रवीर पुत्र महिपाल सिंह (22), मांडवा हाल हाउसिंग बोर्ड निवासी दिग्विजय पुत्र बलवीर सिंह (25) और ललित पुत्र राजमल तंबोली (25) की मौत हो गई
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ये हुए घायल
– हाउसिंग बोर्ड निवासी गोकुल पुत्र यशवंत सोनी (26), लेखक उर्फ हैप्पी पुत्र सुनील भाठीजा (22), प्रकाश सिंधी पुत्र दौलतराम (25) और कपिल सिंधी पुत्र राजू सिंधी (25) घायल हो हुए।
दिवाली के दिन ही दिग्विजय सिंह का जन्मदिन था।





