लखनऊ. डॉ.महेंद्र पांडेय को यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब प्रदेश की नई टीम का इंतजार किया जा रहा है। भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस बार की नई टीम में बाहर से आए नेताओं को भाजपा के संगठन में बड़े स्तर पर लाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश की टीम में बाहरियों के प्लेसमेंट के लिए 70 साल पार कर चुके नेताओं को फिलहाल घर बिठाने की तैयारी कर ली गई है। इसमें उनकी जातियों और क्षेत्रीय प्रभाव को देखते हुए शामिल नेताओं को जगह दी जाएगी। अभी नई कार्यकारिणी के एलान का कोई शुभ महूर्त नहीं मिल पाया है।
2019 लोकसभा की तैयारी में बनेगी नई टीम, जातिगत-बाहरी नेताओं को मैनेज करना प्राथमिकता
– भाजपा की नई प्रदेश टीम में इस बार 2019 के लोकसभा चुनावों की तस्वीर साफ नजर आएगी। इसमें ओबीसी-दलितों के पाॅपुलर चेहरों को ही प्रदेश की टीम में लेने का निर्णय लिया गया है।
– इसके अलावा ब्राह्मणों को भी खास तवज्जो दी जाएगी। इसमें समवैचारिक संगठनों समेत प्रदेश की कोर कमेटी में भी खासी वरीयता देने की तैयारी है।
2017 के चुनावों में कांग्रेस-बसपा नेताओं को मिली थी अहम जिम्मेदारी
– इसके पहले भी भाजपा में 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और बसपा से आए करीब 8 बड़े नेताओं को खासी वरीयता देते हुए उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया था।
– इनमें प्रमुख तौर पर बृजेश पाठक, रीता जोशी, स्वामी प्रसाद मौर्य को सरकरा बनने के साथ ही कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
– ऐसे में भाजपा की नई टीम में इस बार 70 साल पूरे कर चुके नेताओं और संगठन पदाधिकारियों को बाहर करने की तैयारी कर ली गई है। जिसमें प्रदेश संगठन, प्रदेश की कार्यकारिणी और उनके समवैचारिक संगठनों के नेताओं को छांटने की तैयारी, जो 70 पार हैं।
– प्रदेश की टीम में बदलावों में 70 एज फैक्टर के साथ निष्क्रिय लोगों पर गाज गिरनी तय है। खासतौर पर ऐसे पदाधिकारियों को बाहर किया जाएगा, जिनकी उपयोगिता सिर्फ कार्यालय की कुर्सी या पद पर बने रहने से ज्यादा कुछ नहीं है।
– ऐसे वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्यों, पैनलिस्ट, प्रभारी, क्षेत्रीय संगठन के प्रभारी और मीडिया-प्रवक्ता में जिनका परफॉर्मेंस अन्य लोगों की स्क्रीनिंग पिछले 1 महीने से चल रही थी। अब इनकी ब्यौरा प्रदेश अध्यक्ष तक अगले सप्ताह पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद फाइनल मुहर लगेगी।