गर्भ में पल रहा था बच्चा, मां का शरीर ही बन गया उसका दुश्मन

एक शिशु सबसे ज्यादा सुरक्षित अपनी मां के गर्भ में होता है. पर क्या ऐसा हो सकता है कि गर्भ में मौजूद शिशु को अपनी ही मां से खतरा होने लगे? इस तरह की विचित्र स्थिति का सामाना अमेरिका की एक महिला के बच्चे को करना पड़ा क्योंकि उसकी मां के ही शरीर से उस पर ऐसा “हमला” हुआ कि उसकी हालत जिंदगी और मौत की जंग तक पहुंच गई. दरअसल बच्चे के शरीर का खून मां के खून से बहुत ही ज्यादा अलग था जिससे मां का शरीर भ्रूण शिशु को अपना ही दुश्मन मानने लगा था. पूरी कहानी चिकित्सा जगत में दुर्लभ मामले के रूप में देखी जा रही है.

आर्थर विलियम नाम के शिशु को दो बार आपातकालीन तौर पर खून बदलने की जरूरत पड़ी थी. अब आर्थर एक साल का हो चुका है, लेकिन वह गर्भ में उम्मीद के मुताबिक उस तेजी से नहीं बढ़ रहा था जितनी तेजी से बढ़ना चाहिए था.

उन्होंने पाया कि अजन्मे बच्चे का ब्लड ग्रुप उसके पिता मैट विलियम्स, 33, के समान दुर्लभ था, जिसे आरएच नेगेटिव कहा जाता है. तीन बच्चों की मां सैम विलियम्स, 29, का ब्लड ग्रुप अलग था, इसलिए उसके शरीर ने बच्चे को “बाहर की चीज” के रूप में देखा और उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली ने उस पर हमला कर दिया था.

आर्थर को सी-सेक्शन के माध्यम से दो सप्ताह पहले जन्म देना पड़ा और उसे अत्यधिक पीलिया के साथ कार्डिफ के नोआ आर्क चिल्ड्रन हॉस्पिटल ले जाया गया जबकि उसका रंग सामान्य पीला नहीं था. सात महीने की उम्र में, डॉक्टरों ने देखा कि आर्थर बहुत तेज़ी से नहीं बढ़ रहा था और उन्होंने उसके और मैट के रक्त समूह की जांच की. डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि आर्थर गंभीर पीलिया के साथ पैदा हो सकता है और उसे सुनने की क्षमता में कमी या मस्तिष्क पक्षाघात हो सकता है.

डॉक्टरों ने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि आर्थर का जन्म कब किया जाए, लेकिन 36 सप्ताह में योजनाबद्ध सी-सेक्शन बुक करने का फैसला किया. आर्थर का जन्म 6 सितंबर, 2022 को दोपहर 2 बजे यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल वेल्स में हुआ. अस्पताल में आठ दिन रहने के बाद, वह घर जाने में सक्षम हो गया और अब वह एक खुश बच्चा है.

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