‘दुनिया का सबसे अजीब विमान’, लगे थे 9 पंख और 8 इंजन!

‘दुनिया का सबसे अजीब विमान’ इस तरह डिजाइन किया गया था कि यह 100 लोगों को अटलांटिक (Atlantic) के पार ले जाए पाए और जरूरत पड़ने पर पानी पर भी ग्लाइड कर सके. इस अनोखे विमान का नाम कैप्रोनी सीए.60 ट्रांसएरियो (Caproni Ca.60 Transaereo) था, जिसमें 9 पंख और 8 इंजन लगे हुए थे. इसकी ऊंचाई 30 फीट थी. जब ये प्लेन दूसरी बार उड़ा तो इसने लोगों को सन्न कर दिया था.
द सन की रिपोर्ट के अनुसार, अपनी तरह के अनूठे डिजाइन वाले कैप्रोनी सीए.60 ट्रांसएरियो विमान को एयरफ्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Società Italiana Caproni ने बनाया था. दरअसल कंपनी ‘एक उड़ने वाली नाव’ बनाना चाहती थी, एक ऐसा विमान जो सरल, छोटी और सुरक्षित यात्रा में 100 यात्रियों को भूमध्य और अटलांटिक पार ले जा सके. जब इस प्रोजेक्ट का काम कंप्लीट हुआ तो ये विमान बनकर तैयार हुआ. कैप्रोनी Ca.60 ट्रांसएरियो वास्तव में एक अनोखा विमान था.
इस विमान में क्या थीं खूबियां?
क्रैश लैंडिंग या हवा में किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में विमान आसानी से पानी पर ग्लाइड करके अपनी यात्रा को जारी रख सकता था. कैप्रोनिसिमो (Capronissimo) निकनेम वाले इस प्लेन में 400 हॉर्सपावर के आठ इंजन और 30 मीटर लंबे नौ पंख लगे हुए थे. विमान में एक-दूसरे के ऊपर जुड़े हुए तीन ट्राइप्लेन्स (Three Triplane) और दो पोंटून (Pontoons) थे, जो स्थिरता प्रदान करते थे.
30 फीट लंबा और 15,000 किलोग्राम वजनी यह विमान देखने में काफी विशालकाय था, जिसका आकार बोइंग 747 से दोगुना होना था, जो 87 मील प्रति घंटे की अधिकतम गति से उड़ सकता था.
दूसरी ही उड़ान में हो गया था क्रैश
कैप्रोनी सीए.60 ट्रांसएरियो अपनी दूसरी उड़ान में ही क्रैश हो गया और जब वह मैगीगोर झील में गिरा तो यह बुरी तरह से डैमेज हो गया. इस घटना ने लोगों को सन्न कर दिया था. विमान क्रैश होने के बाद एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया कि ये प्रोजेक्ट इतनी बुरी तरह विफल क्यों हुआ. उन्होंने इसके सैंडबैग की समस्या सहित कई कारण बताए थे. फर्स्ट वर्ल्ड वॉर के बाद, अपने समय के लिए यह विमान बहुत उन्नत माना जाता था, क्योंकि जब तक कि विमान एक बार में लगभग 10 लोगों को ही ले जाता था.





