‘दुनिया के सबसे बड़े रेगिस्तान’ के बीच बनी है आंख!

‘सहारा’ दुनिया का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान है, जिसके बीच में एक रहस्यमयी ‘आंख’ की संरचना बनी हुई है, जिसे ‘रिचट स्ट्रक्चर’ नाम से जाना जाता है. यह मॉरिटानिया के औआडेन के पास सहारा रेगिस्तान में स्थित है. आखिर कैसे इसका निर्माण हुआ. इस संरचना को देखने से लगता है, जैसे यहां कभी एलियन की स्पेसशिप उतरी होगी, या फिर इसका सीधा संबंध एलियन्स से रहा होगा, हालांकि, इस दावे की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है.

Geologyscience की रिपोर्ट के अनुसार, यह एक अनूठी और विशाल गोलाकार संरचना है, जो लगभग 30 मील (50 किलोमीटर) व्यास में फैली हुई है. ऊपर से देखने पर संरचना के संकेंद्रित छल्लों का अद्भुत पैटर्न दिखाई देता है, जो इसे एक विशाल बैल की आंख का रूप देते हैं, इसलिए इसे ‘सहारा की आंख’ नाम दिया गया है. यह संरचना इतनी विशाल है कि अतंरिक्ष से भी दिखती है.

कैसे हुई रिचट स्ट्रक्चर खोज?

‘सहारा की आंख’ नॉर्थ-वेस्ट अफ्रीका में मॉरिटानिया के एक चट्टानी क्षेत्र अद्रार पठार में स्थित है. इसके बारे में स्थानीय आबादी सदियों से जानती है, लेकिन स्पेस एक्सप्लोरेशन के साथ इसने इंटरनेशनल लेवल पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया. जब अंतरिक्ष यात्रियों ने पहली बार इसे अंतरिक्ष से देखा, तो उन्होंने शुरू में सोचा कि यह उल्कापिंड प्रभाव क्रेटर हो सकता है. हालांकि, बाद के शोध से इसकी वास्तविक भूवैज्ञानिक प्रकृति का पता चला. गौरतलब है कि सहारा दुनिया का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान है, और अंटार्कटिका और आर्कटिक के बाद तीसरा सबसे बड़ा रेगिस्तान है, जो दोनों ठंडे रेगिस्तान हैं.

ऐतिहासिक महत्व

इस संरचना की अनोखी बनावट ने रिसर्चर्स को आकर्षित किया है. इसके संकेंद्रित छल्ले और भूवैज्ञानिक विशेषताओं ने इसे पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास और प्रक्रियाओं का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों के लिए रुचि का विषय बना दिया है, इसलिए बड़ी संख्या में साइंटिस्ट्स इस जगह पर जाते हैं, जो इस अद्भुत संरचना के बनने के रहस्य को सुलझाना चाहते हैं.

रिचट स्ट्रक्चर को लेकर है ये रहस्य?

आखिर इस अनोखी संरचना का निर्माण कैसे हुआ. इस सवाल पर रहस्य कायम है. माना जाता है कि रिचट संरचना निर्माण उत्थान (Uplift), क्षरण (Erosion) और विभिन्न चट्टानी परतों के संपर्क सहित जियोलॉजिकल प्रोसेस की कॉम्बिनेशन से एक लंबी अवधि में हुआ है.

यह गोलाकार संरचना किसी उल्कापिंड के प्रभाव (meteorite impact) का परिणाम नहीं है, जैसा कि शुरू में अनुमान लगाया गया था बल्कि यह नेचुरल जियोलॉजिकल फॉर्सेस की वजह से बना है. वहीं, usgs.gov की रिपोर्ट के मुताबिक रिचाट संरचना का निर्माण तब हुआ जब एक ज्वालामुखी गुंबद कठोर हो गया और नष्ट हो गया, जिससे चट्टान की परतें उजागर हो गईं.

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