बड़े शहर की सड़कों के नीचे छिपा है अलग ही संसार, मीलों तक फैला है जाल

दशकों पुराने विश्वयुद्ध के लिए बंकर आज भी इस्तेमाल होते हैं. जी हां, दुनिया कई सालों से तीसरे विश्व युद्द के मुहाने पर खड़ा बताया जा रहा है, वहां पिछले विश्व युद्ध के दौर बंकर को आज भी उपयोग किया जाना हैरान करता है. ऐसा ही एक अनोखा बंकर इंग्लैंड के बर्मिंघम में है जो एक खास नेटवर्क से जुड़ा है. यह बंकर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शीत युद्ध की शुरुआत में बना था, लेकिन इसके आज भी होने वाला इस्तेमाल हैरान करता है.

बंकर ब्रिटेन के बर्मिंघम शहर की सड़कों के नीचे स्थित है, जिसमें परमाणु-प्रूफ दीवारें और मीलों तक कंक्रीट की सुरंगें हैं. शहर के नीचे 115 फीट की गहराई पर स्थित, यह जटिल बंकर बीटी टॉवर से लेकर साउथसाइड और उससे आगे तक फैला हुआ है. भूमिगत नेटवर्क 1950 के दशक में बनाया गया था और इसे परमाणु हमले से बचाने के लिए डिजाइन किया गया था, केवल कुछ ही लोग जानते हैं कि यहां  कैसे पहुंचा जा सकता है.

बर्मिंघम के आभूषणों की पहचान के आधार पर “एंकर” नाम दिया गया, यह संरचना शीत युद्ध के दौरान ब्रिटेन के दूरसंचार को बम हमलों से बचाने के लिए बनाई गई थी. बर्मिंघम लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, बीटी कर्मचारी अभी भी आधुनिक संचार लिंक के लिए सुरंग का उपयोग कर रहे हैं.

गुप्त बंकर में कभी जनरेटर और प्लांट उपकरण रखे होते थे जो बंकर को बिजली प्रदान करते थे. जिससे टेलीफोन एक्सचेंज महीनों तक चालू रह पाता था. दूरसंचार उपकरणों के बड़े बैंकों का प्रबंधन लगभग 20 प्रशिक्षित कर्मचारी करते थे. 1980 के दशक तक, संचार प्रौद्योगिकी में प्रगति ने अधिकांश उपकरणों को बेकार बना कर दिया था.

कई पुराने कमरे जिनमें उपकरण रखे गए थे, आज भी बरकरार हैं, जिनमें एक डरावना कैंटीन और मेस रूम शामिल है जिसमें कभी पूल टेबल हुआ करते थे. यह संभव है कि सुरंगें, जो जनता के लिए पूरी तरह से बंद हैं, आने वाले साल तक काम की बनी रहेंगी क्योंकि उनमें अहम केबल भी हैं जो शहर के संचार नेटवर्क को चालू रखती हैं. जनता के सदस्य डरावनी कैंटीन और मेस हॉल में जा सकते हैं जहां कभी पूल टेबल हुआ करते थे. यह ब्रिटेन में एकमात्र शीत युद्ध बंकर नहीं है.

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