हॉस्टल के कमरे से आ रही थी लड़कियों के रोने की आवाजें, कमरा खोला तो नजारा देख रह गयी दंग

छत्तीसगढ़: आज के इस समय में भारत सरकार लड़कियों की शिक्षा को लेकर सख्त से सख्त कदम उठाने में लगी हुई है. लेकिन फिर भी लड़कियों को किसी ना किसी तरह से हमारे समाज की प्रताड़ना को झेलना ही पड़ता है. ऊपर से संस्कारी एवं सभ्यक दिखाई देने वाले लोग ही इन लड़कियों का फायदा उठाने में लगे हुए हैं. अभी हाल ही में लड़कियों की प्रताड़ना का एक और मामला हमारे सामने आया है. जहाँ, कोरिया के बैकुंठपुर में  एक तरफ “बेटी बचायो, बेटी पढाओ” अभियान को चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी और राष्ट्रिय बालिका दिवस पर एक अजीबो गरीब मामले ने शिक्षा प्रशासन पर उँगलियाँ उठा दी हैं.

हॉस्टल के कमरे से आ रही थी लड़कियों के रोने की आवाजें, कमरा खोला तो नजारा देख रह गयी दंगजानकारी के अनुसार यहाँ के एक आश्रम स्कूल के हॉस्टल में लड़कियों को काफी समय से दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा था. लड़कियों के अनुसार उन्होंने अपने साथ हो रहे व्यवहार की जानकारी कई बार ग्रामीण और स्कूल प्रशासन को दी थी. मगर किसी ने उनकी शिकायत पर अमल नहीं किया. लड़कियों के अनुसार उनको नौकरानी से भी बुरा ट्रीट किया जा रहा था.

इसी मामले के चलते गाँव वालों ने शिक्षा अधिकारीयों को पिछले छह महीनों में दो बार शिकायत दर्ज़ करवा दी है और बताया कि जो लड़कियां घर से दूर रह कर पढाई कर रही हैं, उन्हें कईं प्रकार की यातनायों को सहना पड़ रहा है. वहीँ जनकपुर विकासखंड के आदिवासी कन्या आश्रम बेटियों की शिकायत के बाद जिले के एसडीएम जांच के लिए पहुंचे. लड़कियों ने अपना सारा दुःख दर्द रो रो कर एसडीएम को बताया. जिसके बाद एसडीएम ने तुरंत इस मामले पर एक्शन लेते हुए आश्रम की मुख्य अधिक्षिका को पद से बर्खास्त कर दिया है.

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दरअसल शिकायत के बाद जब एसडीएम आश्रम हॉस्टल पहुंचे तो वहां कमरे से उन्हें लड़कियों के रोने की आवाजें सुनाई दे रही थी. उन आवाजो को दबाने के लिए कमरे का दरवाज़ा बाहर से बंध रखा गया था. जब एसडीएम ने कमरे को खोला तो वहां बहुत सारी लड़कियां रो रही थी. उन्होंने अपने साथ हुए हर हादसे का जिक्र एसडीएम से किया. जिसके बाद एसडीएम ने तत्काल अधीक्षिका को हटा दिया है.

बच्चियों ने बताया कि उनके आश्रम की अधीक्षिका रूफीना खलको अपने घर के सारे काम उनसे करवाया करती थी. इसके इलावा जब कोई लड़की उसका विरोध करती तो रूफीना उसको बुरी तराह से मारती एवं पीटती थी. रूफीना के डर से हॉस्टल में रहने वाली 50 छात्राएं घुट घुट कर जी रही थी.जिसके बाद एसडीएम ने केस को गंभीरता से लेते हुए पुरानी अधीक्षिका को हटा कर उसकी जगह नई अधीक्षिका मधुबाला को हॉस्टल की जिम्मेदारी सौंप दी है.

जानकारी के अनुसार इससे पहले भी पोंडी बचरा कस्तूरगा गांधी आवासीय विद्यालय की कईं छात्राएं थाणे में पहुंची थी. उस वक्त उन सबने थाणे में उस अधीक्षिका के खिलाफ कारवाई करने की गुहार लगाई थी. लेकिन थानाध्यक्ष ने उनकी शिकायत पर जरा भी अमल नही किया था. परंतु अब एसडीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त से सख्त कारवाई के आदेश जारी कर दिए हैं.

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