इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है नूपुर शर्मा, DUSU की रह चुकी हैं प्रेसिडेंट

BJP Suspended Leader Nupur Sharma: भारतीय जनता पार्टी (BJP) से निलंबित नेता नूपुर शर्मा इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. सोशल मीडिया से लेकर हर जगह यह नाम आजकल ट्रेंड कर रहा है. हालांकि, नूपुर शर्मा राजनीति में काफी पहले से सक्रिय है, लेकिन पिछले दिनों वह तब चर्चा में आई, जब उन्होंने एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad) पर कथित टिप्पणी कर दी. उनका यह बयान देश ही नहीं, विदेशों में भी छाया हुआ है. कई मुस्लिम कंट्री इस बयान के बाद आपत्ति जता चुके हैं. आइए जानते हैं कौन है नूपूर शर्मा.

कॉलेज से ही राजनीति में सक्रिय
नूपुर शर्मा एडवोकेट (Advocate Nupur Sharma) हैं और बीजेपी की नेता रह चुकी हैं. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) से लॉ की पढ़ाई की, इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (London School of Economics) से LLM की डिग्री ली. हालांकि, नूपुर शर्मा का राजनीति का सफर नया नहीं है. वह कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में सक्रिय थीं.
DUSU की रह चुकी हैं प्रेसिडेंट
उनके राजनीतिक सफर की बात करें तो वह साल 2008 में दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) की प्रेसिडेंट रह चुकी हैं. इसके बाद बीजेपी युवा मोर्चा में शामिल हो गईं. हालांकि, नुपूर शर्मा छात्रों के बीच जाना-माना चेहरा बन चुकी थीं, लेकिन वह पहली बार तब लोगों की नजर में आईं , जब उन्होंने 2015 में नई दिल्ली सीट (New Delhi seat) से आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के संयोजक और दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के खिलाफ चुनाव लड़ा था. हालांकि, इसमें उनको हार का सामना करना पड़ा था.
डिबेट में बीजेपी का रखती थी पक्ष
नूपुर शर्मा दिल्ली भाजपा (Delhi BJP) की प्रदेश की कार्यकारिणी समिति की सदस्य रह चुकी हैं. वह भाजपा की यूथ विंग भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का भी फेस रह चुकीं हैं. नूपुर शर्मा बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता (BJP National Spokesperson) के पद पर रह चुकी हैं. इस दौरान वह विभिन्न न्यूज चैनलों में बीजेपी का पक्ष रखते हुए नजर आती थीं.
इन देशों ने की बयान की आलोचना
हालांकि, इसी बीच डिबेट के दौरान उनकी टिप्पणी से दुनियाभर में बवाल मच गया. खासकर मुस्लिम देशों ने उनके बयान पर आपत्ति जताई. सऊदी अरब, कतर, बहरीन, ईरान देशों ने इसकी कड़े शब्दों में आलोचना की है.





