कानपुर में सपा ने फ्रंटल पदाधिकारियों को दी सख्त हिदायत
कानपुर : लोकसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी ने अब संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए कसरत करनी शुरू कर दी है। संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों की तरह ही पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष मो. एबाद ने भी फ्रंटल संगठन पदाधिकारियोंकी निष्क्रियता पर सवाल उठाए और न सुधरने पर पदमुक्त करने की चेतावनी भी दी।
पर्यवेक्षक मो. एबाद ने बारी-बारी से महानगर और नगर ग्रामीण संगठन की बैठक ली। विधायकों, विधानसभा अध्यक्षों, फ्रंटल अध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बूथ स्तर तक संगठन की समीक्षा की। इसमें सामने आया कि फ्रंटल संगठनों की मासिक बैठक नियमित रूप से नहीं की जा रही है। साथ ही पदाधिकारी भी नियमित रूप से नहीं आ रहे हैं।
मो. एबाद ने कहा कि यह स्थिति निराशाजनक है। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व से स्पष्ट निर्देश हैं कि जो पदाधिकारी नियमित बैठकों में नहीं आएंगे या संगठन के कार्यो के प्रति निष्क्रिय रहेंगे, उन्हें पदमुक्त कर दिया जाएगा। पार्टी किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची संवर्धन के कार्य में जुटने के लिए भी कहा। अलग-अलग बैठकों को महानगर अध्यक्ष अब्दुल मुईन खां, नगर ग्रामीण अध्यक्ष राघवेंद्र यादव, विधायक अमिताभ बाजपेयी, पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया, वरुण मिश्रा, राघवेंद्र बजाज, अबरार आलम आदि ने संबोधित किया।
यह भी रहे मौजूद
कमलेश ओमर, शैलेंद्र यादव, आशू खान, रियाजुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व विधायक लाल सिंह तोमर, मुनींद्र शुक्ला, सतीश निगम, अहिबरन सिंह, संजय सिंह, कुलदीप यादव, मो. हसन रूमी, चंद्रेश सिंह, अजय पांडेय आदि।





