वैज्ञानिक सम्मान समारोह में बोले सीएम योगी, कहा- ठोस कचरे को धन में बदलने के लिए वैज्ञानिक करें काम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि सॉलिड वेस्ट (ठोस कचरा) को ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए सरल व सस्ती तकनीक विकसित करें। इससे वेस्ट (कचरा ) को वेल्थ (धन) में बदला जा सकता है।

उन्होंने गिरते भूजल स्तर को रोकने, जल व नदियों को प्रदूषण से बचाने, शुद्ध पेयजल मुहैया कराने और वातावरण को शुद्ध रखने जैसी चुनौतियों की तरफ वैज्ञानिकों का ध्यान दिलाते हुए इन क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उपयोग करने के लिए कहा।

योगी बृहस्पतिवार को लोकभवन में वैज्ञानिक सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने वर्ष 2014-15 और वर्ष 2015-16 के लिए 41 वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। सीएम ने कहा कि जब भी विज्ञान की ऊर्जा का सृजनात्मक उपयोग हुआ है, समाज को लाभ मिला है। 
 
अनाज में आत्मनिर्भर, पर किसान खुशहाल नहीं
योगी ने कहा कि किसानों को स्वॉयल हेल्थ कार्ड दिए जा रहे हैं ताकि भूमि की उर्वरता बढ़े। इससे गैरउपयोगी कीटनाशकों, उर्वरकों व रसायनों की खपत कम हुई है। हरित क्रांति से अनाज उत्पादन में देश आत्मनिर्भर तो हुआ है लेकिन किसानों के जीवन में खुशहाली का पक्ष अभी अधूरा है। लागत कम लगे, उत्पादन अच्छा हो, इस पर ध्यान देना होगा। 

कम सकते हैं पेट्रोल-डीजल के आयात पर होने वाला खर्च

मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों से कहा कि हर साल आठ लाख करोड़ रुपये का पेट्रोल, डीजल आयात करना पड़ता है। सॉलिड वेस्ट को सरल व सस्ती तकनीक के जरिये ऊर्जा में परिवर्तित करने से डीजल व पेट्रोल के आयात पर होने वाले खर्च को कम किया जा सकता है। आवश्यकता है कि सॉलिड वेस्ट का प्रबंधन वैकल्पिक ऊर्जा सहित अन्य उपयोगी उत्पादों के स्रोत के रूप में किया जाए। 

प्रदेश में बढ़े युवा अन्वेषक, शोधकर्ता
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि पुरस्कृत वैज्ञानिकों ने प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है। प्रदेश में युवा अन्वेषक व शोधकर्ता बढ़े हैं। हमारे वैज्ञानिक नासा भी गए हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अपर मुख्य सचिव कुमार कमलेश ने वैज्ञानिक पुरस्कारों के बारे में जानकारी दी। 

Back to top button