मिस्र के मशहूर राजा का शाही सिंहासन, 3 हजार सालों में भी फीके नहीं पड़े हैं रंग!

तूतनखामुन (Tutankhamun) मिस्र के मशहूर फिरौन यानी राजाओं में से एक है. तूतनखामुन, जिसे King Tut के नाम से भी जाना जाता है. उसने प्राचीन मिस्त्र पर 1332-1323 BC तक शासन किया था. उसका एक शाही सिंहासन हुआ करता था, जिस पर बैठकर वो प्रजा को आदेश दिया करता था. उसका यह सिंहासन प्रचीन मिस्र कला का मास्टर पीस है, जिसके रंग तीन हजार सालों में भी फीके नहीं पड़े हैं, जिसकी भव्य डिजाइन हैरान करती है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर तूतनखामुन के शाही सिंहासन की तस्वीर को @archeohistories नाम के यूजर ने पोस्ट किया है, जिसके कैप्शन में इस सिंहासन से जुड़ी अहम जानकारी बताई गई है. साथ ही आप इस तस्वीर में इस सिंहासन की डिजाइन को देख सकते हैं. सिंहासन पर कमाल की कारीगरी हो रही है, जिसे देख कर आप प्राचीन मिस्र के आर्टिस्ट्स की तारीफ करेंगे.

किससे बना है शाही सिंहासन?

egypt-museum.com की रिपोर्ट के अनुसार, इसे प्राचीन मिस्र के फर्नीचर के सबसे महत्वपूर्ण और अच्छी तरह से संरक्षित चीजों में से एक माना जाता है. इसके रंग तीन हजार सालों में भी फीके नहीं पड़े हैं. यह सिंहासन लकड़ी से बना है और सोने-चांदी से मढ़ा हुआ है, जिस पर कीमती पत्थरों और रंगीन कांचों से सजावट की गई है. हैरान कर देने वाली बात ये है कि यह सिंहासन आज भी सोने की तरह चमकता है.

कैसी है सिंहासन की डिजाइन?

तूतनखामुन के इस शादी सिंहासन की डिजाइन हैरान कर देने वाली है. दो उभरे हुए शेरों के सिर सिंहासन की सीट पर लगे हुए हैं. इसके हैंडल पर पंखों वाले उरेई और कोबरा सांप की डिजाइन बनी हुई है. मिस्र की चित्रलिपि (Egyptian hieroglyphs) में सिंहासन को मदर गॉड आइसिस (Isis) के नाम पर इस्ट (Ist) कहा जाता है, जिन्हें आमतौर पर उनके विशिष्ट प्रतीक के रूप में अपने सिर पर सिंहासन धारण करते हुए चित्रित किया जाता था.

किसने खोजा था ये सिंहासन?

वहीं, सिंहासन के पीछे रानी अंकेसेनमुन (Ankhesenamun) की अपने पति तूतनखामुन के साथ आकृतियां बनी हुई हैं. तूतनखामुन के शाही सिंहासन की खोज 1922 में ब्रिटिश पुरातत्वविद् हॉवर्ड कार्टर ने की थी. यह तूतनखामुन के मकबरे में पाया गया था.

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