NCP शरद पवार के इस्तीफे के फैसले के बाद महाराष्ट्र में हलचल तेज…

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी NCP शरद पवार के इस्तीफे के फैसले के बाद महाराष्ट्र में हलचल तेज है। एनसीपी नेताओं की फैसला वापस लेने की मांग के बीच संकेत मिलते दिख रहे हैं कि पवार कदम पीछे लेने वाले नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने अभी पुनर्विचार के लिए दो-तीन दिनों का समय मांगा है। वरिष्ठ नेता के इस कदम के तार भतीजे अजित पवार, महाविकास अघाड़ी समेत कई बातों से जोड़े जा रहे थे।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पवार के करीबी बता रहे हैं, ‘वह इसे लेकर गंभीर हैं और पार्टी की तरफ से भारी दबाव के बाद भी इस बात की संभावनाएं कम ही हैं कि वह अपना फैसला वापस लेंगे।’ उन्होंने बताया कि बीते कुछ समय से संकेत मिल रहे थे कि पवार अपने मन में ही जोड़तोड़ में मंथन में लगे हुए हैं और अपने सक्रिय रहते उत्तराधिकारी बनाने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा, ‘ऐसा कभी तो होना ही था। वह 83 साल के हैं और उन्हें लगता है कि अगले व्यक्ति को अब पार्टी की कमान संभालनी चाहिए।’ खास बात है कि सीनियर पवार का फैसला ऐसे समय पर आया है, जब उनके भतीजे अजित को लेकर एनसीपी में बगावत की अटकलें जोर पकड़ रही थीं। हालांकि, अजित खुद ही एनसीपी में रहने का ऐलान कर चुके हैं।
क्या एमवीए है वजह?
कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के साथ महाविकास अघाड़ी बनाने में पवार की बड़ी भूमिका मानी जाती है। अब कहा जा रहा है कि एमवीए सरकार गिरने के बाद एनसीपी अपने भविष्य को लेकर चिंतित भी थी। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि पवार के फैसले का असर एमवीए पर भी पड़ सकता है। दरअसल, पहले यह गठबंधन केवल कांग्रेस और एनसीपी का था, लेकिन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना भी इसका हिस्सा बनी।
कौन होगा उत्तराधिकारी
भले ही इस मामले में अजित का नाम सबसे आगे माना जा रहा हो, लेकिन पवार की बेटी सुप्रिया सुले भी बड़ी दावेदार के रूप में उभर कर सामने आ रही हैं। सीनियर पवार के करीबियों का मानना है कि अगर सुप्रीमो खुद ही अलग हो जाते हैं, तो अजित के पास पार्टी का भारी समर्थन है। साथ ही विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर भी उनकी पकड़ है। जबकि, सुले नई दिल्ली में सांसद के तौर पर सक्रिय रहीं।





