किले पर चेतन के छोड़े हुए सवाल पुलिस के लिए बने हुए हैं फंदा

जयपुर के नाहरगढ़ किले की 50 फीट ऊंची दीवार पर फंदे के जरिए लटके मिले चेतन को लेकर उठ रहे सवाल पुलिस के लिए फंदा साबित हो रहे हैं। इस सनसनीखेज मामले में एक महीना होने को आया, लेकिन पुलिस कई पहलुओं पर तथ्य नहीं जुटा पाई है।
पुलिस ने सुसाइड का दावा तो किया है, लेकिन सुसाइड साबित करने के लिए कई तथ्यों को नहीं खोज पा रही है। इन अनसुलझे सवालों के बीच पुलिस के दावों को परिजन और रिश्तेदार भी पचा नहीं पा रहे हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं।
किले पर चेतन के छोड़े हुए सवाल पुलिस के लिए बने हुए हैं फंदा
सबसे अहम सवाल उस रस्सी ने खड़े किए हैं, जिससे चेतन सैनी की लाश बुर्ज पर फंदे से लटकती मिली थी। करीब 50 फीट लंबी वह रस्सी बिल्कुल नई थी। करीब एक माह बाद भी पुलिस अभी तक साफ नहीं कर सकी है कि वह रस्सी कहां से खरीदी गई और किले तक कैैसे पहुंची, जबकि सीसीटीवी फुटेज में किले की ओर जाते चेतन के हाथ खाली थे।

लटकते समय जिंदा था चेतन

पुलिस का तर्क है कि चेतन ने रस्सी को शर्ट के अंदर ​लपेट लिया होगा। लेकिन यह बात भी परिजनों के गले नहीं उतर रही है। परिजनों का कहना है कि 50 फीट लम्बी रस्सी को पेट पर कोई कैसे लपेट कर आसानी से कपड़े पहन सकता है। सीसीटीवी फुटेज में चेतन को देखकर एेसा लगा ही नहीं कि उसके शरीर पर कपड़ों के नीचे कुछ होगा।

यह भी सवाल अभी अनसुलझा है कि चेतन ने अकेले इतनी मोटी रस्सी से इतनी मोटी दीलाव पर फंदा कैसे लगाया होगा। वहीं मौके पर पड़ा चेतन का एक जूते में रखे चाय के चार कप और थैली किसने रखे। हालांकि अब पुलिस का तर्क है कि उन्होंने ही मौके पर पड़े जूते और चाय के कपों को उठाकर रखा था।

दूसरी तरफ, मेडिकल बोर्ड से हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटी मोर्टम हैंकिंग की जानकारी सामने आई थी। जिसके मुताबिक रस्सी से लटकते वक्त चेतन जिंदा था। लेकिन पुलिस इस सवाल का ठोस जवाब नहीं दे सकी है कि इतनी मोटी बुर्ज पर चेतन खुद कैसे फंदा बनाकर लटका। या फिर किसी ने साजिशन उसे लटकाया तो नहीं।

सामान्य मानसिकता वाले इंसान ने क्यों लिखा ये सब

ये सवाल भी अनसुलझा है कि सामान्य मानसिकता वाले चेतन को ‘पद्मावती’ फिल्म और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले मैसेज लिखने की क्या जरूरत पड़ गई थी। जबकि आमतौर पर सुसाइड करने वाला व्यक्ति मौत से पहले अपनी व्यथा या परिवार के नाम कोई मैसेज लिखता है।

अगर चेतन ने पहले ही रस्सी छिपा दी थी तो क्या इससे पहले भी चेतन के नाहरगढ़ किले पर मौजूद होने की मोबाइल कॉल लोकेशन सामने आई है। वह किले पर रस्सी लेकर गया भी तो कौनसे रास्ते से। यह सवाल भी अनसुलझा है।

चेतन के जब्त मोबाइल फोन और लेपटॉप को पुलिस ने जब्त कर फोरेंसिक लैब ​भिजवाया था। पुलिस का दावा था कि इससे मौत से जुड़ी सारी कहानी साफ हो जाएगी। लेकिन अभी तक इन दोनों की फोरेंसिक जांच में क्या रहा,  पुलिस मौन है।

ये है पूरा मामला, जानें…

गौरतलब है कि 24 नवंबर को सुबह जयपुर के नाहरगढ़ किले की बुर्ज पर नाहरी का नाका, शास्त्री नगर निवासी चेतन सैनी की लाश फंदे से लटकती मिली थी। वह एक दिन पहले दोपहर करीब 3 बजे घर से बिना बताए निकला था। शाम करीब साढ़े 5 बजे उसने पत्नी से फोन कर रात 9 बजे तक घर आने और खाना बनाकर रखने की बात कही थी। लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटा। तब मौत की जानकारी सामने आने पर परिजनों ने चेतन की हत्या कर लाश को बुर्ज से लटकाने की आशंका जाहिर की थी।

वहीं, मुकदमा दर्ज करवाने ब्रहृमपुरी थाने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने मामले को सुसाइड बताते हुए मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक फोरेंसिक ​विभाग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चेतन सैनी की हत्या नहीं की गई थी, बल्कि उसने आत्महत्या की थी। वहीं, चेतन की हैंडराइटिंग को लेकर भी एक और दावा है कि पत्थरों पर पद्मावती फिल्म और समुदाय विशेष से जोड़कर लिखे गए वि​वादित अंश की राइटिंग चेतन की हैंडराइटिंग में मेल खाती है। दोनों लिखावट एक जैसी है।

 
Back to top button