किले पर चेतन के छोड़े हुए सवाल पुलिस के लिए बने हुए हैं फंदा


सबसे अहम सवाल उस रस्सी ने खड़े किए हैं, जिससे चेतन सैनी की लाश बुर्ज पर फंदे से लटकती मिली थी। करीब 50 फीट लंबी वह रस्सी बिल्कुल नई थी। करीब एक माह बाद भी पुलिस अभी तक साफ नहीं कर सकी है कि वह रस्सी कहां से खरीदी गई और किले तक कैैसे पहुंची, जबकि सीसीटीवी फुटेज में किले की ओर जाते चेतन के हाथ खाली थे।
यह भी सवाल अभी अनसुलझा है कि चेतन ने अकेले इतनी मोटी रस्सी से इतनी मोटी दीलाव पर फंदा कैसे लगाया होगा। वहीं मौके पर पड़ा चेतन का एक जूते में रखे चाय के चार कप और थैली किसने रखे। हालांकि अब पुलिस का तर्क है कि उन्होंने ही मौके पर पड़े जूते और चाय के कपों को उठाकर रखा था।
दूसरी तरफ, मेडिकल बोर्ड से हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटी मोर्टम हैंकिंग की जानकारी सामने आई थी। जिसके मुताबिक रस्सी से लटकते वक्त चेतन जिंदा था। लेकिन पुलिस इस सवाल का ठोस जवाब नहीं दे सकी है कि इतनी मोटी बुर्ज पर चेतन खुद कैसे फंदा बनाकर लटका। या फिर किसी ने साजिशन उसे लटकाया तो नहीं।
अगर चेतन ने पहले ही रस्सी छिपा दी थी तो क्या इससे पहले भी चेतन के नाहरगढ़ किले पर मौजूद होने की मोबाइल कॉल लोकेशन सामने आई है। वह किले पर रस्सी लेकर गया भी तो कौनसे रास्ते से। यह सवाल भी अनसुलझा है।
चेतन के जब्त मोबाइल फोन और लेपटॉप को पुलिस ने जब्त कर फोरेंसिक लैब भिजवाया था। पुलिस का दावा था कि इससे मौत से जुड़ी सारी कहानी साफ हो जाएगी। लेकिन अभी तक इन दोनों की फोरेंसिक जांच में क्या रहा, पुलिस मौन है।
वहीं, मुकदमा दर्ज करवाने ब्रहृमपुरी थाने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने मामले को सुसाइड बताते हुए मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक फोरेंसिक विभाग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चेतन सैनी की हत्या नहीं की गई थी, बल्कि उसने आत्महत्या की थी। वहीं, चेतन की हैंडराइटिंग को लेकर भी एक और दावा है कि पत्थरों पर पद्मावती फिल्म और समुदाय विशेष से जोड़कर लिखे गए विवादित अंश की राइटिंग चेतन की हैंडराइटिंग में मेल खाती है। दोनों लिखावट एक जैसी है।





