किसान आंदोलन से हिल रहा था कारोबार: 13 माह में 10 हजार करोड़ का नुकसान

पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव सुनील मेहरा ने कहा कि बंद बाॅर्डर ने सूबे की तरक्की को ही बंद कर दिया था। पंजाब को दो लाख करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है, क्योंकि निवेश रुक गया है। कई इकाइयों ने विस्तार के लिए दूसरे राज्यों का रुख कर लिया।

शंभू व खनौरी बॉर्डर बंद होने से अब तक पंजाब के उद्योगपतियों व व्यापारियों को 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। साथ ही दो लाख करोड़ का निवेश भी रुका है। यह एक बड़ा कारण है कि पंजाब सरकार ने दोनों बॉर्डर खुलवाने के लिए बड़े एक्शन का फैसला लिया।

आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से बैठक के दौरान भी उद्योगपतियों ने यही मामला उठाया था। लुधियाना, जालंधर व अमृतसर के कारोबार पर सर्वाधिक असर पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य सरकारों को किसानों से बातचीत करने और उन्हें राजमार्ग से हटाने के लिए राजी करने का आदेश दिया था।

लुधियाना उपचुनाव के कारण भी पड़ा असर
वहीं, लुधियाना पश्चिम सीट पर उपचुनाव भी होना है। इससे सरकार पर दवाब बढ़ रहा था। शंभू व खनौरी बॉर्डर के नजदीकी एरिया में भी कारोबार पूरी तरह ठप था। कई औद्योगिक इकाइयों पर ताला तक लग गया था।

माल मंगवाने या बाहर भेजने के लिए लंबी दूरी व कच्चों रास्तों का सहारा लेना पड़ा रहा था। 40 से 50 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही थी। इस कारण ट्रांसपोर्टरों ने भी अपना किराया बढ़ा दिया था। इसी तरह बॉर्डर बंद होने से पंजाब की लिंक सड़कें भी टूट गई थीं।

रोजाना 27 करोड़ का नुकसान
ऑल इंडस्ट्री एंड ट्रेड फोरम के प्रधान बदीश जिंदल ने बताया कि बॉर्डर बंद होने से रोजाना उद्योगपतियों को रोजाना 27 करोड़ रुपये का नुक्सान हो रहा था। हर महीने प्रदेश के उद्योपतियों व व्यापारियों को 800 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा था। बड़ी कंपनियों ने भी प्रदेश से किनारा करना शुरू कर दिया था, जिस कारण पिछले एक साल से ट्रेड ने सबसे अधिक मार झेली है।

कोरोना के बाद उन पर बॉर्डर बंद होने से उनका सभी अधिक नुकसान हुआ है, इसलिए हाईवे खुलने का वे स्वागत करते हैं। इसके अलावा समय-समय पर पंजाब बंद से भी सरकार को हर बार 90 करोड़ रुपये के राजस्व से धोना पड़ रहा था। सरकार को 60 करोड़ रुपये जीएसटी, 20 करोड़ रुपये डीजल व वैट और 10 करोड़ अन्य टैक्स छोटे-मोटे टैक्स से कमाई होती है।

पातड़ां से खनौरी तक कारोबार का 170 करोड़ का नुकसान
पिछले एक साल से पातड़ां से खनौरी तक कारोबार का 170 करोड़ का नुकसान हो चुका है। दो पेट्रोल पंप, 8 मैरिज पैलेस, 9 रेस्टोरेंट, 11 होटल और हजारों की संख्या में छोटे कारोबार ठप पड़े थे। बॉर्डर खुलने से खनौरी व शंभू के आसपास के गांवों ने राहत की सांस ली है। बंद से मोहाली, जीरकपुर व डेराबस्सी पर ट्रैफिक का दवाब बढ़ता जा रहा था। खनौरी व शंभू बॉर्डर बंद होने से ट्रांसपोर्टर इसी रूट का सहारा ले रहे थे।

ट्रांसपोर्ट कारोबार को मिली बड़ी राहत
पंजाब स्टेट गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव सर्बजीत सिंह का कहना है कि बार्डर खुलने से ट्रांसपोर्ट कारोबार को बड़ी राहत मिली है। पहले ट्रक वाया जीरकपुर की तरफ से घूम कर जा रहे थे। इससे एक चक्कर-आना जाना का लगभग 70 किलोमीटर का रास्ता अधिक लग रहा था। छह टायर वाले ट्रक में 1400 रुपये और दस टायर वाले बड़े ट्रक में 2200 रुपये का डीजल अतिरिक्त लग रहा था।

Back to top button