मार्गशीर्ष माह के दूसरे दिन साध्य योग का हो रहा है निर्माण, पढ़ें पंचांग

सनातन धर्म में बुधवार के दिन भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही विशेष कार्यों में सफलता पाने के लिए साधक उपवास भी रखते हैं। ज्योतिषियों की मानें तो मार्गशीर्ष माह के पहले बुधवार पर एक साथ कई शुभ योग बन रहे हैं। इन योग में श्रीकृष्ण जी की पूजा करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
आज मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया एवं तृतीया तिथि है। यह महीना भगवान कृष्ण को अति प्रिय है। इस महीने में ही भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शिष्य अर्जुन को गीता उपदेश दिया था। ज्योतिषियों की मानें तो मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया और तृतीया तिथि पर एक साथ कई शुभ एवं अद्भुत संयोग बन रहे हैं। इन योग में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। आइए, पंडित हर्षित जी से आज का पंचांग और राहुकाल का समय जानते हैं-
शुभ मुहूर्त
मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया एवं तृतीया तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण प्रातः काल 06 बजकर 54 मिनट से हो रहा है, जो दोपहर 01 बजकर 59 मिनट तक है। ज्योतिष सर्वार्थ सिद्धि योग को बेहद शुभ मानते हैं। इस योग में शुभ कार्य कर सकते हैं। इसके अलावा, साध्य योग का भी संयोग बन रहा हैं। इस योग का निर्माण संध्याकाल 08 बजकर 55 मिनट तक है। वहीं, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि तक गर करण का निर्माण हो रहा है। इसके बाद वणिज करण का योग बन रहा है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 54 मिनट पर
सूर्यास्त – शाम 17 बजकर 24 मिनट पर
चंद्रोदय- शाम 06 बजकर 56 मिनट पर
चंद्रास्त- सुबह 08 बजकर 49 मिनट पर
पंचांग
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 06 मिनट से 06 बजे तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से 02 बजकर 36 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 21 मिनट से 05 बजकर 48 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 11 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक
अशुभ समय
राहुकाल – दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से 01 बजकर 28 मिनट तक
गुलिक काल – सुबह 10 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 09 मिनट तक
दुष्टमुहूर्त- सुबह 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तक
कंटक- शाम 03 बजकर 59 मिनट से 04 बजकर 41 मिनट तक
यमघण्ट – सुबह 09 बजे से 09 बजकर 42 मिनट तक
कुलिक- सुबह 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तक
कालवेला या अर्द्धयाम- सुबह 07 बजकर 36 मिनट से 08 बजकर 18 मिनट तक
यमगण्ड- सुबह 08 बजकर 13 मिनट से 09 बजकर 31 मिनट तक
दिशा शूल – उत्तर
ताराबल
भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर