समंदर किनारे से रात को आती थी तेज आवाज, सहम जाते थे लोग

दुनिया में कई जगह समुद्री के किनारे बीच रात को अचानक बहुत सारी मछलियां शोर मचाती हुई देखने को मिलती हैं इनका शोर इतना ज्यादा होता है कि किनारे के पास रहने वाले लोग परेशान हो जाते हैं. कैलिफ़ोर्निया के समुद्र तटों पर लाखों मछलियां रहती थीं, जो आधी रात में तीखी आवाजें निकालती थीं. अमेरिका के कैलिफोर्निया तट के पास रहने वाला एक शख्स ने तो इन्हें मैडमैक्स की तरह कयामत के बाद जैसे हालात पैदा करने वाला बताया. वैज्ञानिकों ने इस सबका कारण पता लगा लिया है

दरअसल ये व्यभिचारी मछिलियां शोर मचाते हुए और मिलाप के लिए बहुत ही उत्तेजना की अवस्था में पाई गई थीं. वैज्ञानिकों का कहना है कि संभोग अनुष्ठान एक पूर्णिमा या अमावस्या-विशिष्ट घटना है और अक्सर होती है. यानी चंद्रमा को बहुत ही ज्यादा बेचैन मछलियों के जमा होने के लिए जिम्मेदार बताया गया है. लेकिन वैज्ञानिक मछलियों की उस प्रजाति को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं जिस पर अभी भी शोध चल रहा है.

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान कितनी मछलियां जन्म लेती हैं, इसके कोई आंकड़े नहीं है और इस बात के बहुत कम सबूत हैं कि जन्म के बाद मछलियों का संरक्षण कैसे किया जाता है, लेकिन संख्याएं बताती हैं कि उनकी आबादी घट रही है. कैलिफ़ोर्निया के मछली और वन्यजीव विभाग के वरिष्ठ पर्यावरण वैज्ञानिक डायना पोर्जियो ने कहा कि स्थानीय रूप से ज्यादा दिखने के बावजूद, कैलिफ़ोर्निया ग्रूनियन प्रचुर मात्रा में नहीं हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये गतिविधि हमेशा नहीं बल्कि या तो पूर्णिमा को या फिर अमावस्या होती है.

मालिबू के पेपरडाइन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक करेन मार्टिन का कहना है कि ग्रुनियन ग्रीटिंगर्स डेटा की सीमाएं हैं, नतीजे पिछले दशक में दक्षिणी कैलिफोर्निया रेंज के अधिकांश हिस्सों में कैलिफोर्निया ग्रूनियन की संख्या में कमी दर्शाते हैं. नागरिक वैज्ञानिकों के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि मछली की सुरक्षा के लिए इसके और भी उपयोग हैं.

उन्होने कहा, “यह जानना कि ग्रूनियन कहां चल रहे हैं, अंडे ढूंढने और उन पर मानव प्रभावों को ट्रैक करने में सहायक रहा है. हमने पाया कि समुद्र तट पर जमावड़ा वहां हो रही था जहां ग्रूनियन घोंसले हैं. हमने उनके दायरे की पहचान कर ली है. अब हम जानते हैं कि वे न केवल मध्य कैलिफ़ोर्निया में, बल्कि सैन फ्रांसिस्को के उत्तर में भी पाई जाती हैं.”

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