सबसे आज़ाद हैं यहां के लोग, न कानून का डर न टैक्स की टेंशन,कैसे भी रहते हैं …

आप दुनिया में कहीं भी जाएंगे, वहां एक सरकार होगी और उसके कुछ नियम-कायदे होते हैं, जिसके मुताबिक लोग ज़िंदगी जीते हैं. आप शायद ही किसी ऐसी जगह के बारे में जानते होंगे, जहां कोई नियम-कानून ही न चलता हो. न तो यहां किसी को रहने के लिए किराया-भाड़ा चुकाना पड़ता हो, न ही कोई टैक्स चुकाना पड़ता हो. यहां के लोगों पर कोई कानून काम नहीं करता है और वो जो मन करे, वो करते हैं.

डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक लुसियाना के रहने वाले एक फिल्ममेकर रेंजर रिक (Ranger Rick) ने स्लैब सिटी नाम की इस जगह पर कुल 14 दिन बिताए. उसके बाद उन्होंने इस जगह को लेकर अपना अनुभव और यहां की ऐसी-ऐसी खासियत बताई है, जिसे जानने के बाद आप कहेंगे कि असली आज़ादी तो यही लोग एंजॉय कर रहे हैं, दुनिया तो कहने के लिए आज़ाद है.

न कानून, न किराया, न ही कोई टैक्स
रेगिस्तानी इलाके में बनी स्लैब सिटी में न तो पानी की कोई व्यवस्था है और न ही गैस और बिजली की. यहां कोई कानून काम नहीं करता है और सरकार का हस्तक्षेप भी नाममात्र का है. वैसे तो ये जगह दूसरे विश्व युद्ध के वक्त अमेरिकी सैनिकों ने ट्रेनिंग के लिए ये जगह बनाई थी. साल 1956 में जब इसे तोड़ दिया तो ये जगह मलबे में तब्दील हो गई. धीरे-धीरे घुमक्कड़ों और पूर्व सैनिकों ने रहने की जगह बना ली. यहां रहने वाले लोगों को दुनिया से कोई मतलब नहीं है, न ही इन पर कोई सामाजिक बंधन है.

न वक्त की खबर, न ही दुनिया की …
यहां के लोगों को दुनिया से कोई लेना-देना ही नहीं है. उनके पास वक्त देखने के लिए न घड़ी है और न ही कैलेंडर है कि वो दिन-साल या महीना जान सकें. दुनिया की कोई खबर इन्हें नहीं पता क्योंकि वे टीवी नहीं रखते. लोग कुछ भी पहनकर घूमते रहते हैं. लड़के भी आपको महिलाओं की पोशाक में मिल जाएंगे. कानून न होने की वजह से अपराधियों के लिए ये जगह परफेक्ट बन जाती है. बहुत से लोग यहां वो करने आते हैं, जो वे दुनिया में कहीं भी नहीं कर सकते.

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