यहां मिलता है दुनिया का सबसे महंगा फंगस, कीमत हीरे-सोने जैसी

भारत सदियों से जड़ी-बूटियों वाला देश रहा है. तमाम गंभीर बीमारियां भी हमारे यहां जड़ी बूटियों से ठीक हो जाया करती हैं. यही वजह है कि हमारे आयुर्वेद पर पूरी दुनिया रिसर्च कर रही है. उसकी ओर गंभीरता से देख रही है. लेकिन क्या आपको पता है कि अपने ही देश में दुनिया का सबसे महंगा फंगस मौजूद है. चीन में तो इसकी कीमत हीने और सोने से भी ज्यादा है. वहां इसकी खूब डिमांड है, क्योंकि माना जाता है कि इससे नपुंसकता और कैंसर जैसी बीमारियां ठीक हो सकती हैं. आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं.
दरअसल, इस बेशकीमती जड़ी-बूटी को हिमालयन गोल्ड (Himalayan Gold) के नाम से भी जानते हैं. तिब्बत, भूटान, भारत, चीन और नेपाल के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में यह पाई जाती है. कई जगह तो इसे कीड़ा जड़ी भी कहा जाता है. उत्तराखंड के चमोली और पिथौरागढ़ के धारचूला, मुनस्यारी में 3500 मीटर की ऊंचाई वाले स्थानों पर यह प्राकृतिक रूप से पाई जाती है. आमतौर पर यह सबसे ठंंडी जगह, यानी जहां तापमान -10 डिग्री सेल्सियस के नीचे चला जाता है, वहां यह उगती है.
कैटरपिलर को मारकर उस पर उगते
एक्सपर्ट के मुताबिक, ये कॉर्डिसेप्स परजीवी कैटरपिलर को मारकर उस पर उगते हैं. दिखने में यह कीड़े की तरह ही नजर आता है. इसलिए इसका नाम कीड़ा जड़ी पड़ गया है. इसकी कीमत 20 लाख रुपये सभी ज्यादा है. इसे तैयार होने में तकरीबन 180 दिन का समय लगता है. इसी वजह से ये यह इतनी महंगा है. दूसरा, इसके फायदे इतने ज्यादा हैं कि चीन समेत दुनिया के कई मुल्कों में इसकी भारी डिमांड है. कहा जाता है कि नपुंंसकता और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को ठीक करने की क्षमता रखता है. एक स्टडी के मुताबिक, चीन में सदियों से इसका इस्तेमाल किया जाता है.
कैंसर समेत कई बीमारियों में कारगर
Webmd की रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्डिसेप्स परजीवी इम्यूनिटी को बूस्ट करने, कैंसर कोशिकाओं को फैलने से रोकने में काफी कारगर हैं. खासकर फेफड़े या त्वचा कैंसर में यह काफी उपयोगी है. यह किडनी, लीवर की दिक्कतें दूर कर सकता है. नपुंंसकता के इलाज में भी मददगार है. हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना गया है. सिर्फ चीन में इसके लिए इस्तेमाल किया जाता है. अगर 1 साल रोजाना इसकी 3-6 ग्राम खुराक ली जाए तो दस्त, कब्ज जैसी समस्याएं हमेशा के लिए खत्म हो सकती हैं.





