टॉयलेट करने गया था शख्‍स, अंदर बैठे चूहे ने ऐसे काटा क‍ि जाना पड़ा अस्‍पताल!

कनाडा से एक अनोखा मामला सामने आया है. एक शख्‍स अपने टॉयलेट में शौच करने गया. लेकिन अंदर हुआ कुछ ऐसा क‍ि अस्‍पताल ले जाना पड़ा. यहां तक क‍ि जान जाते-जाते बची. इसके बाद डॉक्‍टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्‍होंने कहा क‍ि भूलकर भी ऐसा न करें. क्‍योंक‍ि यह घातक संक्रमण आपकी जान ले सकता है.

लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, मॉन्ट्रियल का रहने वाला 76 साल का यह शख्‍स टॉयलेट में गया, लेकिन तभी वहां मौजूद चूहे ने उसकी दो उंगल‍ियों को काट लिया. उस वक्‍त तो लगा क‍ि छोटी मोटी बात है. दवा लगा लिया. एक डॉक्‍टर को भी दिखाया तो उसने टिटनेस बूस्‍टर दे दिया. लेकिन 18 दिनों बाद शख्‍स की हालत इतनी खराब हो गई क‍ि आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा. कई दिनों से बुखार, सिर दर्द, पेट में असहनीय दर्द हो रहा था. उंगली के घाव ज्यादातर ठीक हो चुके थे, लेकिन ब्‍लड प्रेशर कम होने लगा. उसका दिल बहुत तेज़ी से धड़क रहा था. डॉक्‍टरों ने इसे गंभीर स्‍थ‍ित‍ि माना.

मरीज की क‍िडनी खराब हो गई
ब्‍लड टेस्‍ट से पता चला क‍ि मरीज की क‍िडनी खराब हो गई है. उसके खून में प्लेटलेट्स की संख्या आधी हो गई है. डॉक्‍टरों ने उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया, क्‍योंकि मल्‍टी ऑर्गन फेल्‍योर की स्‍थ‍ित‍ि बनने लगी थी. ऐसा एक खतरनाक संक्रमण की वजह से हुआ.डॉक्टरों ने रक्त और मूत्र के नमूने लिए और उनका विश्लेषण किया. कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में पब्‍ल‍िश रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्‍टरों ने पाया क‍ि उसे लेप्टोस्पायरोसिस नामक एक संक्रामक बीमारी हो गई थी.

हर साल 60,000 लोगों की मौत
डॉक्‍टरों के अनुसार, लेप्टोस्पायरोसिस को वेइल्स रोग भी कहा जाता है. यह लेप्टोस्पाइरा जीनस के बैक्टीरिया के कारण होता है. आमतौर पर यह जानवरों से मनुष्‍यों में जाने वाले कीटाणुओं से फैलता है. हर साल दुनिया भर में लेप्टोस्पायरोसिस के 10 लाख से ज्‍यादा मरीज सामने आते हैं. लेकिन सबसे घातक बात, इनमें से लगभग 60,000 लोगों की मौत हो जाती है. अकेले अमेर‍िका में हर साल लगभग 150 लोगों की जान चली जाती है. इससे बचने का सबसे अच्‍छा तरीका है क‍ि चूहों से दूर रहें. इससे संक्रमित होने के लगभग पांच से 14 दिनों के बाद अक्सर बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसे हल्के लक्षण विकसित होते हैं. उल्टी, दस्त, पेट दर्द, खांसी और कभी-कभी त्वचा पर दाने भी हो सकते हैं.

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