‘दुनिया का सबसे अकेला आदमी’, ऐसे शहर में है घर, जहां है भूतों का बसेरा

अकेलापन इंसान को खा जाता है, पर शायद अर्जेंटीना के एक व्यक्ति को अकेला रहना इतना पसंद है कि वो हर किसी से दूर, अपने परिवार से भी दूर ऐसे शहर में रहता है, जो 25 सालों तक बाढ़ में डूबा था और आज खंडहर में तब्दील हो चुका है. इस शहर को लोग भूतों का बसेरा भी मानने लगे हैं. इसी कारण से इस शख्स को ‘दुनिया का सबसे अकेला आदमी’ (World’s loneliest man) माना जाता है. हम बात कर रहे हैं पाबलो नोवाक (Pablo Novak) की जो 93 साल के हैं और अकेलेपन के साथ जिंदगी बिता रहे हैं.
डेली स्टार न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार पाबलो, एपेक्युएन (Epecuen, Argentina) नाम के सहर में रहते हैं. जो अर्जेंटीना के ब्यूनोस एरीज़ से 400 किलोमीटर दूर है. साल 1985 में यहां तूफान आया था जिसके बाद लहरों ने एक बांध को तोड़ दिया था और ये शहर पानी और दलदल से लंबे वक्त तक घिरा रहा. आपको जानकर हैरानी होगी कि ये जगह एक वक्त पर महत्वपूर्ण टूरिस्ट स्पॉट हुआ करता था. यहां करीब 5000 लोग रहा करते थे. पर पानी की वजह से सब इस शहर को छोड़कर चले गए.
खंडहर को बनाया घर
साल 2009 में जब पानी का स्तर नीचे गया तो और मौसम में सुधार हुआ तो नजर आया कि इस जगह की क्या हालत हो चुकी है. चारों ओर खंडहर जैसे घर बचे थे और टूटे पेड़ और मलबे पड़े थे. तब पाबलो अपने मवेशियों के साथ यहां रहने के लिए लौट आए. उन्होंने एक खंडहर बन चुके मकान को अपना घर बना लिया जिसके बाहर बगीचा भी था. उनका नया घर छोट और धूल से भरा है, उनके पास कुर्सी, अखबार के बंडल हैं और वो बिना बिजली के रहते हैं. वो अकेले ही थे जो यहां लौटे थे, उनके परिवार ने भी उनका साथ नहीं दिया और पास के दूसरे कस्बे में रहने चले गए. अब वो यहां अपने मवेशी और पालतू कुत्ते के साथ रहते हैं.
लौटकर नहीं गए पाबलो
पाबलो ने कहा कि वो यहां जानवरों के साथ रहने आए थे, फिर कभी लौटकर नहीं गए. उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर वो सिर्फ जीवन का आनंद उठाना चाहते हैं, इस वजह से वो यहां पर खुश रहते हैं. डेली स्टार के अनुसार जब ये जगह काफी फेमस थी, तब साल में 20 हजार से ज्यादा टूरिस्ट यहां आते थे. माना जाता है कि यहां पर एक तालाब था, जिसमें स्किन से जुड़ी समस्याओं को हल करने की शक्तियां थीं.





