नेत प्रतिपक्ष ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए बोली यह बात, जानिए

आईएसबीटी को लेकर नेता प्रतिपक्ष सरकार के साथ आरपार के मूड में हैं। भाजपा को निशाने पर लेते हुए वह बोलीं..
ड्रीम प्रोजेक्ट पर रोक का चाबुक चलने के बाद सरकार और भाजपा को निशाने पर उन्होंने लिया और कहा कि चयनित भूमि को श्मशान घाट बताकर भ्रम न फैलाएं। आईएसबीटी का निर्माण कार्य न शुरू होने पर 30 जनवरी से सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान भी किया।
नेत प्रतिपक्ष ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए बोली यह बात, जानिए
डॉ. हृदयेश ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि पुरातत्व विद्वान यशोधर मठपाल ने खुद गौलापार में आईएसबीटी के लिए चयनित भूमि का निरीक्षण किया था। मठपाल ने प्रमाणित किया था कि अवशेष हिंदू समुदाय के शिशुओं के हो सकते हैं या वे लोग जो खेतों में निवास करते थे अपने परिजनों का दाह संस्कार खेतों के समीप वन भूमि में ही कर देते थे।

श्मशान घाट बताकर भ्रम न फैलाए भाजपा: इंदिरा

इंदिरा ने कहा कि श्मशान भूमि की भ्रांति फैलाकर गौलापार के चयनित स्थान का महत्व कम न किया जाए। राज्य सरकार का लगभग साढ़े तीन से चार करोड़ रुपये उक्त योजना में खर्च हो चुका है, उसकी भरपाई कौन करेगा।

सरकार आईएसबीटी के लिए कोई नई जगह तलाश करती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। डॉ. हृदयेश ने कहा कि आईएसबीटी के लिए प्रस्तावित 75 या 80 एकड़ जमीन वन विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।

किसी योजना के लिए एक बार जमीन आवंटित होने के बाद उसी योजना के लिए दूसरी जमीन नहीं मिल सकती है। वन विभाग को पौधरोपण के लिए दोगुनी जमीन देनी होती है।

स्वीकृत स्थल पर अगर आईएसबीटी का निर्माण निरस्त हुआ तो वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि योजना और स्थान को संदेहास्पद न बनाते हुए जनहित में इसके लिए निर्माण का आदेश तत्काल जारी करें।

 
 
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