कांग्रेस विधायक पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने लिया यू टर्न, बोली- बीजेपी नेता के कहने पर किया था केस

पत्रकारिता की एक छात्रा जो कि 3 महीने पहले कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे के खिलाफ अपहरण, बलात्कार और ब्लैकमेल का केस दर्ज किया था। सनसनीखेज आरोप लगाने वाली लड़की ने अब यू टर्न ले लिया है। उसने गुरुवार को हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। हलफनामे में लड़की का कहना है कि उसने जो एफआईआर दर्ज करवाई थीं वह झूठी हैं।

 

कांग्रेस विधायक पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने लिया यू टर्न, बोली- बीजेपी नेता के कहने पर किया था केसजबलपुर में पीड़ित लड़की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई चौंकाने वाले खुलासे किए। लड़की ने कहा कि वह तीन महीने से लगातार झूठ बोल रही थी। उसने जो बयान एसआईटी को दिया है वह भी झूठा है। मैंने विधायक हेमंत कटारे पर शारीरिक शोषण सहित जो भी आरोप लगाए थे वे सभी झूठे हैं। हेमंत ने मेरा शारीरिक शोषण नहीं किया। यह बता अलग है कि मैं हेमंत से बेहद नफरत करती हूं।

लड़की ने ये भी कहा कि यह सब मामला राजनीति से प्रेरित था। यह जो भी किया गया वह कटारे के राजनीतिक कैरियर को खत्म करने के लिए था, जिसमें मेरा इस्तेमाल किया गया। पूरे खेल का मास्टर माइंड अरविंद भदौरिया था। बता दें कि पिछले साल अटेर में हुए विधानसभा चुनाव में कटारे ने भदौरिया को हरा दिया था।

भदौरिया ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि यह आरोप झूठे और निराधार हैं। मैं किसी भी जांच एजेंसी द्वारा जांच के लिए तैयार हूं। यह मेरे खिलाफ एक षड्यंत्र है। कटारे लड़की को ब्लैकमेल करने का आरोपी है जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। दोनों (आरोपी और पीड़िता) जबलपुर में साथ थे। यह क्या दिखाता है? भाजपा नेता ने कहा कि पीड़िता ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत लड़की ने पहले अपने बयान दर्ज करवाए थे।

भदौरिया ने कहा- कोर्ट को यह निर्णय लेना चाहिए कि उसने पहले जो कहा और अब जो कह रही है कौन सा सही है। कटारे द्वारा हाईकोर्ट में दायर की गई दो याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी लेकिन लड़की द्वारा हलफनामा दाखिल करने के बाद सुनवाई रोक दी गई। अपने हलफनामे में लड़की का कहना है कि जब वह भोपाल की सेंट्रल जेल में जबरन उगाही के मामले में बंद थी। इस मामले में उसका सह-आरोपी विक्रमजीत एक वकील और दो दोस्तों के साथ 27 जनवरी 2018 को मिलने के लिए आया था।

लड़की का दावा है कि विक्रमजीत ने उससे कहा कि वह भदौरिया से मिलने के बाद उसके पास आया है। मुझसे कहा गया कि मेरा केस मुफ्त में वह वकील लड़ेगा जो विक्रमजीत के साथ आया था। महिला के मुताबिक जब उसने विक्रमजीत द्वारा दिए गए वकालतनामा पर हस्ताक्षर किए तो उससे कहा गया कि उसे हेमंत कटारे के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज करवाना होगा लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद जेल में मेरा हैरेसमेंट हुआ। वकील ने कहा कि मेरी बात मानो वर्ना जेल में तीन महीने तक रहना पड़ेगा। काफी दिनों तक हैरेसमेंट होने के बाद मैं मान गई।

 
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