अब आसाराम पर फिर टिक रही हैं निगाहें, लड़की ने सुनाई थी उस रात की पूरी कहानी
जोधपुर। दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बीस साल की सजा सुनाए जाने के बाद अब सभी की निगाह नाबालिग स्कूली छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम के केस पर लगी है। राम रहीम से बहुत अधिक फॉलोअर और पैसे वाला आसाराम चार साल से जोधपुर जेल में बंद है। 

ये है केस का स्टेटस…
– आसाराम केस में सभी सरकारी गवाह के बयान पूरे हो चुके है। वहीं बचाव पक्ष की तरफ से पहले करीब सौ गवाह की सूची पेश की गई। इसे अभी घटा कर चालीस कर दिया गया है। इसमें से पच्चीस गवाह के बयान हो चुके है। अब कुछ गवाह ही शेष रहे है। साथ ही रोजाना सुनवाई होने के कारण फैसला शीघ्र होने की उम्मीद है।
यह है मामला
– आसाराम आसाराम के गुरुकुल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने आरोप लगाया कि पंद्रह अगस्त 2013 को आसाराम ने जोधपुर के निकट मणाई गांव में स्थित एक फार्म हाउस में उसका यौन उत्पीड़न किया।
– बीस अगस्त 2013 को उसने दिल्ली के कमला नगर पुलिस ताने में आसाराम के खिलाफ मामला दर्ज कराया। जोधपुर का मामला होने के कारण दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के लिए उसे जोधपुर भेजा।
– जोधपुर पुलिस ने आसाराम के खिलाफ नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने का मामला दर्ज किया। जोधपुर पुलिस 31 अगस्त 2013 को इन्दौर से आसाराम को गिरफ्तार कर जोधपुर ले आई। उसके बाद से आसाराम लगातार जोधपुर जेल में ही बंद है।
– इस दौरान उनकी तरफ से उच्चतम व उच्च न्यायालय सहित जिला न्यायालय में नौ बार जमानत हासिल करने के प्रयास किए गए। लेकिन उसे जमानत नहीं मिली।
– जोधपुर पुलिस ने आसाराम के खिलाफ नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने का मामला दर्ज किया। जोधपुर पुलिस 31 अगस्त 2013 को इन्दौर से आसाराम को गिरफ्तार कर जोधपुर ले आई। उसके बाद से आसाराम लगातार जोधपुर जेल में ही बंद है।
– इस दौरान उनकी तरफ से उच्चतम व उच्च न्यायालय सहित जिला न्यायालय में नौ बार जमानत हासिल करने के प्रयास किए गए। लेकिन उसे जमानत नहीं मिली।
नौ गवाहों पर हो चुके हैं जानलेवा हमला
– आसाराम मामले में नौ गवाहों पर जानलेवा हमला हो चुका है। इनमें दो की मौत हो चुकी है। लड़की के पिता को भी शाहजहांपुर और जोधपुर में टारगेट बनाया जा चुका है।
दस हजार करोड़ का मालिक रहा आसाराम
– आसाराम के पास 400 ट्रस्ट हैं। उसके जरिए वह अपने पूरे साम्राज्य पर नियंत्रण रखता था। आसाराम की संस्थाओं द्वारा बेची जाने वाली पत्रिकाओं, प्रार्थना पुस्तकों, सीडी, साबुन, धूपबत्ती और तेल जैसे उत्पादों की बिक्री से, श्रद्धालुओं के चंदे से और आश्रम की हड़पी हुई जमीन पर खेती से भी आश्रम के खजाने में मोटी रकम आई। बेनामी जमीन-जायदाद के सौदे और वित्तीय लेनदेन करीब 2200 करोड़ रुपये से अधिक 500 से अधिक लोगों को मोटी ब्याज दर पर, 1635 करोड़ रुपये नकद कर्ज पर दिए गए। अमेरिकी कंपनी सोहम इंक और कोस्टास इंक में 156 करोड़ रुपये के निवेश किए गए। 8 करोड़ रुपये की रकम रिश्वत देने के लिए रखी गई थी। इनका कुल योग 4500 करोड़ रुपये बैठता है, लेकिन मौजूदा बाजार दरों पर आसाराम का कुल गोरखधंधा दस हजार करोड़ रुपये से अधिक का होगा।





